डॉक्टर को कॉल-हम पैसा डाल रहे, अपना बैलेंस दिखाओ:भास्कर के कैमरे में कैद आर्मी के नकली अफसर; पढ़ें ठगी का पूरा तरीका

वीडियो कॉल पर दो लोगों के बीच बातचीत हो रही है… पहला शख्स कहता है.. ‘मैं आपके अकाउंट का पैसा लेने के लिए कॉल कर रहा हूं क्या? मुझे आपका यूपीआई आईडी और पासवर्ड नहीं चाहिए। आप तो अपने अकाउंट का बैलेंस दिखा दीजिए।’ दूसरा शख्स कहता है.. ‘मेरे अकाउंट में कितना पैसा है, ये आपको क्यों देखना है?’ पहला बोलता है… ‘सर, ये मिलिट्री का कॉल है, आपको बैलेंस चेक कराना पड़ेगा। हम सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉल पर फंड ट्रांसफर करते हैं। आप समझ रहे हैं ना…’ दरअसल, इस बातचीत में पहला शख्स एक साइबर फ्रॉड है और दूसरे शख्स हैं भोपाल के जाने माने डॉक्टर प्रशांत त्रिपाठी। साइबर ठगों ने खुद को आर्मी का अफसर बताकर डॉक्टर त्रिपाठी को ठगने की कोशिश की, मगर वो अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। साइबर ठगों का चेहरा बेनकाब करने के लिए उन्हें ऐसे बैंक अकाउंट का बैलेंस दिखाया, जिसमें महज 746 रुपए थे। जब ठगों ने अकाउंट में इतने कम पैसे देखे तो खुद को आर्मी का कर्नल बताने वाला ठग भड़क गया और बोला- अकाउंट मेंटेन करो। ये सारी प्रोसेस भास्कर ने अपने कैमरे में कैद की। पढ़िए किस तरह से डॉक्टर त्रिपाठी को ठगने की कोशिश की गई.. पहले जानिए ठगों ने कैसे झांसे में लिया
डॉक्टर प्रशांत त्रिपाठी ने बताया कि 13 दिसंबर को दोपहर को जब वे अपने अस्पताल में थे तो एक अनजान नंबर से उन्हें कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आर्मी वाला बताया। उसने कहा कि हमारे 45 आर्मी जवानों का इलाज करवाना है, कितना चार्ज लगेगा? डॉ. त्रिपाठी ने पूछा क्या इलाज कराना है? ठग ने कहा कि आर्मी जवानों के दांतों की सफाई कराना है। डॉ. त्रिपाठी को शक हो गया कि ये फ्रॉड कॉल है, क्योंकि आर्मी जवानों का एक साथ किसी अस्पताल में ट्रीटमेंट नहीं होता। उन्होंने साइबर ठग से कहा कि 1500 रुपए प्रति व्यक्ति इलाज पर खर्च आएगा। साइबर ठग ने पैसे कम करने के लिए कहा। डॉ. त्रिपाठी इस बात पर अड़े रहे कि 1500 रुपए से एक पैसा कम नहीं होगा। इससे ठगों को भरोसा हो गया कि डॉ. त्रिपाठी पैसों के लालच में उनके झांसे में आ चुके हैं। अब जानिए कैसे ठगों को एक्सपोज किया
डॉ. त्रिपाठी ने दैनिक भास्कर को इसकी जानकारी दी। इससे पहले वे ठगों को कह चुके थे कि शाम को कॉल करना। दैनिक भास्कर की टीम ने ठगों को बेनकाब करने के लिए पूरा सेटअप जमाया। पूरे चार घंटे तक ठगों ने डॉ. त्रिपाठी को तीन से चार बार कॉल किए। इसके बाद उन्हें एक्सपोज करने के लिए भास्कर की टीम और डॉ. त्रिपाठी ने उन्हें कॉलबैक किया। ठगों ने पैसा ऐंठने की पूरी कोशिश की, मगर वे नाकाम हो गए। सिलसिलेवार बताते हैं कि ठगों ने कॉल कर क्या कहा और कैसे ठगने की कोशिश की। पहला कॉल: ठग ने दांतों की सफाई का रेट पूछा दूसरा कॉल: कर्नल साहब वीडियो कॉल करेंगे तीसरा कॉल: वीडियो कॉल की जगह वॉइस कॉल आया तीसरे कॉल में ठग ने बताया कि उसका नाम संदीप रावत है। वह बीएसएफ की 95 बटालियन से बोल रहा है। चौथा कॉल: ठग ने अकाउंट का बैलेंस दिखाने को कहा इसके बाद डॉक्टर त्रिपाठी और ठग के बीच इसी बात पर बहस होती रही कि अकाउंट का बैलेंस बताना क्यों जरूरी है। डॉक्टर त्रिपाठी ने ठग से कहा कि वो 10 रुपए उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दे। पैसा आया या नहीं ये पता चल जाएगा। ठग बैलेंस दिखाने पर अड़ा रहा। उसने ये भी कहा कि- आप देख लीजिए काम करना है या नहीं। ये भी बोला कि पैसे लेने में आप इतना टाइम क्यों लगा रहे हैं। डॉक्टर त्रिपाठी ने जब उससे कहा कि बैलेंस बताने पर कुछ हो गया तो वो बोला- मतलब आपका सारा पैसा हमारे पास आ जाएगा। कैसी बात कर रहे हैं आप। आप एक डॉक्टर हैं। ये मिलिट्री का कॉल है, रिकॉर्ड होता है। वीडियो पर पेमेंट डाला जाता है। जब तक आप बैलेंस नहीं बताएंगे मैं फंड ट्रांसफर नहीं कर पाऊंगा। इसके बाद डॉ. त्रिपाठी ने एक दूसरे मोबाइल फोन जिसमें ढाई लाख रुपए का मैसेज था वो ठग को दिखाया। ठग ने कहा मैसेज नहीं फोन पे पर ही बैलेंस दिखाए। तब तक डॉ. त्रिपाठी ने अपने सहकर्मी का मोबाइल फोन हाथ में लिया। उसमें करीब 746 रुपए बैलेंस था। बैलेंस की राशि को डॉ. त्रिपाठी ने अपने अंगूठे से छिपा लिया। ठग ने कहा- अंगूठा हटाइए। जैसे ही अंगूठा हटाया और सात सौ रुपए बैलेंस नजर आया तो ठग ने कहा अकाउंट मेंटेन करिए और फोन कट कर दिया। पांचवां कॉल: ठग को कॉलबैक किया
इसके बाद डॉ. त्रिपाठी और भास्कर की टीम ने तय किया कि सबसे पहले जिस सतीश नाम के ठग का कॉल आया था, उसे कॉल बैक किया जाए। डॉ. त्रिपाठी ने सतीश से कहा कि कर्नल बार-बार बैलेंस दिखाने पर जोर दे रहे थे। सतीश ने भी कहा कि बैलेंस दिखाना पड़ता है। उसने कहा कि आप 25 हजार रुपए अपने अकाउंट में जमा कर दीजिए। मैं फिर कर्नल से बात करवाता हूं। छठवां कॉल: डॉक्टर ने ठग से कहा, तुम भास्कर के कैमरे में रिकॉर्ड हो गए ये सुनते ही ठग कर्नल ने फोन कट कर दिया… दोबारा कॉल करने पर ठगों ने गालियां दीं
डॉ त्रिपाठी ने ठगों को दोबारा कॉल बैक किया और पूछा कि वे लोगों को ठगने का काम क्यों कर रहे हैं, तो ठग गालियां देने लगे। उनसे पूछा कि लोगों के खून पसीने की कमाई को क्यों लूट रहे हैं तो वे बोले कि मजबूरी है। इसके बाद ठगों ने डॉक्टर त्रिपाठी से माफी भी मांगी और ये भी बताया कि वे बिहार से बोल रहे हैं।

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