झांसी में दरोगा-सिपाही के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूसे बरसाए। इस बीच साथी पुलिसकर्मियों ने दोनों को छुड़ाने की काफी कोशिश की। लेकिन छुड़ाने के बाद भी बार-बार दोनों एक-दूसरे से भिड़ते रहे। घटना सोमवार दोपहर एक बजे SSP ऑफिस की है। दरोगा की सिपाही पत्नी का ट्रांसफर हो गया था। इसी को लेकर हुए विवाद में आज बहस हो गई। देखते-देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों अपना आपा खो बैठे। एक-दूसरे को पकड़ लिया। फिर मारपीट शुरू कर दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। पुलिस अफसर पूरे मामले में जांच की बात कह रहे हैं। सबसे पहले 2 तस्वीरें देखिए दरोगा बांदा जीआरपी और सिपाही एसएसपी ऑफिस में तैनात
दरोगा संदीप यादव बांदा जीआरपी में तैनात है, जबकि सिपाही अनुज यादव एसएसपी की रीडर ब्रांच (बड़ी पेशी) में तैनात हैं। दरोगा की पत्नी अंजू यादव झांसी में सिपाही है। शहर क्षेत्र में साढ़े 3 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पिछले दिनों उसका मऊरानीपुर ट्रांसफर हो गया था। दरोगा चाहता था कि पत्नी का ट्रांसफर दोबारा से शहर क्षेत्र में हो गए। दरोगा और सिपाही पुलिस लाइन में एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। इसलिए दरोगा ने सिपाही से पत्नी के ट्रांसफर के संबंध में बातचीत की थी। पत्नी के ट्रांसफर को लेकर ही विवाद हो गया। खुद को एसएसपी समझता है सिपाही
दरोगा का सिपाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वह आरोप लगाते हुए कह रहा है कि “सिपाही ने एसएसपी सुधा मैडम के समय अनावश्यक फाइलें खुलवाईं। ये दरोगाओं से पैसे मांगता है। ये अपने आपको एसएसपी समझता है। हम लोगों के साथ गाली गलौच करता है कि तुम हो कौन? हमें हटाकर दिखा दो यहां से। जब से भर्ती हुआ, ये एसएसपी ऑफिस में नियुक्त है। अनावश्यक पैसे लेता है। अभी महिला कांस्टेबलों के ट्रांसफर हुए, उसमें इसने पैसे खाए। जिनको जरूरी है, जिनके छोटे बच्चे हैं। उनकी नियुक्ति न करके मैडम को मिस गाइड करता है। गलत उगाही करता है। मैडम बिल्कुल सही है, लेकिन ये उनके पॉवर का गलत उपयोग करता है। आज मैं जांच के संबंध एसएसपी ऑफिस आया था। उस जांच में पेपर लेने आया था। जब बाहर निकला तो ये गाली देने लगा। बोला हो गई जांच… इसने मेरी जांच खुलवा दी। इसने क्या खुलवा दी…। देखिए मैं जा रहा था तो मुझे यानी सब इंस्पेक्टर से हाथापाई की। ये सब इंस्पेक्टर से हाथापाई करेगा। पोस्टिंग को लेकर हुआ झगड़ा
सीओ सदर स्नेहा तिवारी का कहना कि “दरोगा की पत्नी महिला सिपाही है, जो झांसी में नियुक्त हैं। शहर क्षेत्र में इनकी नियुक्ति का समय पूरा हो गया था। इसलिए इनकी पोस्टिंग देहात क्षेत्र के मऊरानीपुर में कर दी गई थी। इसके बाद दरोगा प्रयास कर रहे थे कि पत्नी की पोस्टिंग शहर क्षेत्र में हो जाए। इसको लेकर ये प्रयासरत थे। इसी बात को लेकर दरोगा संदीप और सिपाही अनुज के बीच आपस में विवाद हो गया। इसका संज्ञान लेकर पुलिस जैसे अनुशासित बल में अनुशासन तोड़ने और जनता में पुलिस की छवि को धूमिल करने के लिए एसपी जीआरपी को एक रिपार्ट प्रेषित की जा रही है। पुलिस कार्यालय में नियुक्त सिपाही के खिलाफ भी आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पैसों के आरोपों के संबंध में जांच की जा रही है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें :- गर्लफ्रेंड के लिए SBI में किया था खून-खराबा:कानपुर पुलिस ने नाम पूछा तो बोला- उसकी गलती नहीं, B.Sc कर रहा है लुटेरा ‘मेरी गर्लफ्रेंड अक्सर सामान और रुपए की डिमांड करती है। उसके शौक को पूरा करने के लिए मैंने बैंक लूट की साजिश रची।’ यह कहना है कानपुर SBI बैंक में आधे घंटे खून खराबा करने वाले लुटेरे का। पुलिस ने जब उससे गर्लफ्रेंड का नाम पूछा तो आनाकानी करने लगा। कहा- जो कहना है, मुझे कहो..मेरी गर्लफ्रेंड को कोई कुछ नहीं कहेगा। उसकी कोई गलती नहीं है। पढ़ें पूरी खबर


