विजयवर्गीय की गाली पर मासूम बने दिग्विजय:कथावाचक ने शुरू कर दी ‘नरोत्तम कथा’; सिंधिया के बेटे के स्वागत की चकाचौंध और अंधेरे में अंतिम संस्कार…

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। पंडित जी ने कथा रोककर की पूर्व गृह मंत्री की तारीफ
नेतागिरी, जलवा होता है साहब। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को ही ले लीजिए। नरोत्तम मिश्रा दतिया के भिल्ला में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान कथावाचक पंडित महेश कुमार पाण्डेय ने कथा के बीच में नरोत्तम कथा कहना शुरू कर दिया। उन्होंने किसी भक्त के हवाले से नरोत्तम मिश्रा को अनमोल रतन और महापुरुष कहा। इतना ही नहीं उन्हें महा अवतार तक बता दिया। नरोत्तम मिश्रा उनका स्वागत करते रहे और हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए ये सब सुनते रहे। पंडित जी नरोत्तम मिश्रा को दादा-दादा कहते रहे। उन्होंने कहा- छिंदवाड़ा में मेरी कथा थी। वहां कांग्रेस के एक नेता ने मुझसे कहा कि महाराज आप बड़े भाग्यशाली है। मैंने पूछा क्यों तो उसने कहा कि दादा जैसा रतन आपको मिला है। मैंने उससे कहा- आपके क्षेत्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ जी है। इस पर उसने कहा दादा जैसे महापुरुष के लिए एक नहीं हम दसों कमलनाथ कुर्बान कर सकते है। पंडित जी ने आगे बताया- मैं एक गांव में गया। वहां एक अंधा व्यक्ति मिला। उसने कहा कि दादा को लोग कहते हैं सर्वोत्तम हैं, कोई कहते उत्तम हैं। उसने कहा वो न उत्तम हैं, न सर्वोत्तम हैं। दादा तो महा अवतार हैं। नरोत्तम मिश्रा करीब 5 मिनट कार्यक्रम में रहे। कथावाचक के मुंह से तारीफ के बीच ही वो उनके हाथ जोड़कर वहां से चले गए। मोबाइल फोन की लाइट में करना पड़ा अंतिम संस्कार
शिवपुरी में रविवार देर शाम का नजारा दीवाली से कम नहीं था। चकाचौंध माहौल था। जोरदार आतिशबाजी, फूलों की बारिश, बैनर-पोस्टर से पटी सड़कें.. दरअसल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महान आर्यमान यहां आए थे। समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उसी शाम शिवपुरी से ही एक और तस्वीर सामने आई। एक परिवार को अपने दिवंगत परिजन का अंतिम संस्कार मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा, क्योंकि मुक्तिधाम अंधेरे में डूबा था। वहां न तो स्ट्रीट लाइट जल रही थी और न ही रोशनी की कोई दूसरी व्यवस्था थी। खास बात ये है कि जिस नगर पालिका पर मुक्तिधाम में लाइट की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी है। उसकी प्रमुख और नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने भी सिंधिया के बेटे के स्वागत में भव्य मंच सजाया था। नगर पालिका अध्यक्ष ने क्रेन की मदद से एक बहुत बड़ी माला महान आर्यमान को पहनाई और उसी माला में महान आर्यमान के साथ फोटो खिंचवाई। इतना ही नहीं सिंधिया समर्थकों ने महान आर्यमान सिंधिया को एक लाख रुपए कीमत के सिक्कों से तौला। पूरा प्रशासन सिंधिया के बेटे की आवभगत में लगा रहा है। वहीं गमजदा परिवार ने नगर पालिका से लेकर बिजली कंपनी के जिम्मेदारों को कई बार फोन किए गए, लेकिन मौके पर कोई सहायता नहीं पहुंची। खरी बात ये है कि सभी को अपनी नेतागिरी की पड़ी थी। सिंधिया की नजरों में नंबर जो बढ़ाने थे। जनता का क्या, चुनाव आएंगे तो फिर बरगला देंगे। मामा के इलाके में दिग्विजय- जीतू पटवारी की दौड़
नेतागीरी कांग्रेस में भी चल रही है, वो भी मामा शिवराज सिंह के संसदीय क्षेत्र में। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अलग-अलग दौड़ लगा रहे हैं। अलग-अलग मुद्दों पर जनता के बीच जा रहे हैं। राजा साहब मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में पदयात्रा कर रहे हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को इसके बारे में बता रहे हैं। नाम बदलने जाने को महात्मा गांधी का अपमान बता रहे हैं। जबकि जीतू पटवारी किसान जन आंदोलन यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के रोचक बयान भी सामने आए। पहले बात जीतू पटवारी की। अपने संबोधन में उन्होंने खुद को असली किसान पुत्र बताया। उन्होंने कहा कि वे गाय-भैसों के दूध निकालने से लेकर कुओं में मोटर बदलने तक का काम जानते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब गोबर से खराब होने वाले लोग ही चलेंगे। इधर, दिग्विजय सिंह से जब से पूछा गया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में पत्रकार को गाली दी है। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा- कैलाश विजयवर्गीय जी भाजपा के बड़े वरिष्ठ नेता हैं, जिन शब्दों का उन्होंने उपयोग किया, अब मैं भी नहीं समझ पाया कि ये घंट का मतलब क्या होता हैं। खरी बात ये है कि आप कैसे समझोगे। आपकी विजयवर्गीय से दोस्ती जो ठहरी। लोग कह रहे हैं, दिग्विजय इसीलिए विरोध करने इंदौर नहीं गए। साउथ इंडियन स्टाइल में दिखे मामा शिवराज सिंह
तमिलनाडु दौरे पर गए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान वहीं की स्टाइल में नजर आए। उन्होंने सफेद शर्ट और नीचे धोती पहनी। वे बैलगाड़ी पर सवाल हुए और खड़े होकर दुपट्‌टा लहराया। मामा ने नारियल पानी का आनंद भी लिया। वे खेतों में गए। हल्दी समेत अन्य फसलें देखी। साथ ही महिलाओं से संवाद भी किया। एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान उन्होंने तमिल भाषा में लोगों का अभिवादन किया। इस पर तालियां भी बटोरी। शिवराज सिंह ने कहा- मैं मामा हूं। मामा के बिना काम चलता नहीं है। कोई भी जरूरी कार्यक्रम हो मामा तो चाहिए। उन्होंने कहा- मैं और आप परिवार है। मैं आपके लिए मंत्री नहीं हूं। बड़ा आदमी नहीं हूं। मैं तो मामा हूं। इनपुट सहयोग- कपिल मिश्रा (शिवपुरी), महेंद्र ठाकुर (सीहोर) ये भी पढ़ें –
मफलर जलता रहा, वो मंत्री का इस्तीफा मांगता रहा: पं. प्रदीप मिश्रा बोले- RSS भगवान शिव की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। गुना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला जलाया। इस दौरान एक कार्यकर्ता के मफलर में आग लग गई। पूरी खबर पढ़ें

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