शहर के कई इलाकों में नाली से सटे पाइपलाइन में लीकेज की समस्या की शिकायत मिली है। इसके चलते घरों में गंदा, झागदार और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। इसके चलते लोग परेशान हैं। शहर के कई वार्डों में यही स्थिति है। आमजनों की शिकायत के बाद भास्कर ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि रामनगर, कचना और सड्डू जैसे कई घरों में नल से गंदा पानी आ रहा है। पानी में झाग भी है और बदबूदार भी है। रामनगर में यह समस्या पिछले 6 महीने से बरकरार है तो कचना के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में पिछले 2 महीने से गंदा पानी आ रहा है। इसी तरह सड्डू सेक्टर 10 के हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पिछले 15 दिनों से यह समस्या बरकरार है। यह इंदौर जैसी घटना को आमंत्रित कर सकता है। भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट- बच्चों की स्किन में फंगल इंफेक्शन कचना: ईडब्लूएस कॉलोनी में डेढ़ महीने से आ रहा है गंदा पानी कचना के ईडब्लूएस कॉलोनी में भी घरों में पिछले डेढ़ महीने से गंदा पानी आ रहा है। शिकायत पर तीन दिन पहले ही टैंकर पहुंचाया गया, तब जाकर लोगों को राहत मिली है। जब भास्कर की टीम पहुंची को दो जगहों पर गड्ढा खोदकर प्लंबर लीकेज खोजने का काम कर रहे थे। 4.30 बजे यहां पेयजल की सप्लाई हुई तो देखा कि पानी का रंग हल्का लाल है और वह बदबूदार भी है। स्थानीय निवासी निरंकार सिंह ने बताया कि पांच ब्लॉक में यह समस्या है। साल में दो-तीन बार ऐसी समस्या होती है। रामनगर: 3 बार सड़क खोद लीकेज ढूंढा, लेकिन समाधान नहीं शीतलापारा, रामनगर, वार्ड क्र. 25 के गली नंबर 2 में करीब 8 घरों में गंदा और झागदार पानी आ रहा है। क्योंकि गली के नाली से ही सटकर पानी का पाइपलाइन गुजरा है। यह समस्या पिछले 6 महीने से बरकरार है। स्थानीय रहवासी अमित साहू ने बताया कि शिकायत पर गली की सड़क को तीन बार खोदकर लीकेज का पता लगाने की कोशिश की। लीकेज नहीं मिला और गली के लोगों को समाधान भी नहीं मिला। स्थानीय निवासी पानी का नहाने और कपड़ा धोने में उपयोग करते थे, तो बच्चों के स्किन में फंगल इंफेक्शन हो गया। दूसरी गली से बोर का पानी घर लाकर पीने की मजबूरी है। सड्डू: घरों में पानी को फिल्टर करके ही चला रहे हैं काम गंदा पानी सड्डू सेक्टर 10 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी पाइपलाइन नाली से सटकर पहुंचा है। यहां भी लीकेज की समस्या के कारण घरों में गंदा पानी आ रहा है। स्थानीय रहवासी राकेश कृपलानी ने बताया कि यह समस्या पिछले 15 दिनों से हो रही है। शिकायत के बाद लीकेज खोजने के लिए भी आसपास गड्ढा खोदकर प्लंबर ने देख लिया। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ है। मजबूरी में घरों में पानी को फिल्टर करके ही काम चला रहे हैं। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. के पाणिग्रही, जल विशेषज्ञ पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया रहता है, जो खतरनाक है सीवर लीकेज के साथ घरों में सप्लाई होने वाला पेयजल लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है। इसमें ई.कोलाई बैक्टीरिया रहता है, जो खतरनाक है। चूने का फिल्टर तो इसे साफ ही नहीं कर पाएगा। आप अच्छी क्वालिटी के इलेक्ट्रिक वाटर फिल्टर में भी ऐसे पानी को फिल्टर कर रहे हैं, तब भी यह 80 से 90% ही साफ करेगा। मजबूरी है, तब भी फिल्टर के बाद इसे उबालकर ही उपयोग में लाएं। समस्या पर प्रशासन को ध्यान देना होगा। पानी सप्लाई पर पक्ष-विपक्ष के अलग-अलग दावे जलापूर्ति हन्तरे शहर के जनस्वास्थ्य से बुड़ा मुद्दा है। इस पर अधिकारियों को अभियान चलाकर काम करने के लिए कहा है। सेलटैक्स कॉलोनी की समस्या का समाधान हुआ। आगे भी भी हमें शिकायतें मिल रही है, वहां टीम काम में जुरी है। – मीनल चौबे, महापौर हर सकत बारिश में परेशानी के बाद ठंड के सीजन में नालियों के पास से गुजरे पाइपालहन में लीकेज के कारण कई जगहों गर गोदा पानी की सप्लाई हो रही है। यह उदासीन रवैया इंदौर जैसी बड़ी घटनाओं को आमंत्रित कर रही है। – आकाश तिवारी, नेल प्रतिपक्ष


