मंडाना के बड़कालाजी में रिजर्व फॉरेस्ट एरिया (आरक्षित वन क्षेत्र) में वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी ही माफिया से बड़े पैमाने पर सैंड स्टोन का अवैध खनन करवा रहे हैं। जहां अवैध खनन हाे रहा है, वह जमीन मुख्य सड़क से करीब 8 किलाेमीटर अंदर घने जंगल तक है। तीन नाकों पर नाकेदार हैं, आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है। इसी से विभाग के कर्मचारी और माफिया के ट्रैक्टर-ट्रक भी आते-जाते हैं। लेकिन कोई रोकने की जहमत नहीं उठाता। चार जगह मंडाना नाला, डीआईजी, सिमल्याहेड़ी और बनियानी की खोदया खेड़ी में अवैध खनन करके अच्छी क्वालिटी का सैंड स्टोन निकाला जा रहा है। भास्कर टीम की पड़ताल में आया कि चाराें जगह दाे-तीन किलाेमीटर लंबे और 100-100 फीट से अधिक गहरे गड्ढे हाे गए हैं। खुले में ब्लास्टिंग भी की जाती है लेकिन अफसरों को कुछ नहीं दिख रहा है। ब्लास्टिंग के लिए तार, ट्रैक्टर-कंप्रेसर, जेसीबी और अन्य संसाधन लगे हैं। ब्लास्टिंग वायर एक-दूसरे से जुड़े हुए थे, जिन पर सफेद पाउडर डाल रखा था। पत्थरों में होल करके डाले जाने वाले केमिकल के निशान भी मिले। यहां खनन करते लाेगाें काे देखकर लगा कि इन्हें किसी का डर नहीं है। नियमों की बात करें तो रिजर्व फारेस्ट में लोगों का घुसना तक मना है, लेकिन यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। मिलीभगत…3 नाकेदारों की ड्यूटी, माफिया के वाहन और वनकर्मियों का एक ही रास्ता कोटा-झालावाड़ हाईवे पर मंडाना नाले से अंदर जाने का रास्ता है। यह रास्ता चारों अवैध खदानों तक है। करीब 1 किलोमीटर पर मंडाना नाले की खान, करीब तीन-तीन किलोमीटर बाद डीआईजी खान, फिर सिमल्याहेड़ी बड़ी खान और अंत में खोदयाखेड़ी खान अवैध खनन प्वॉइंट हैं। माफिया के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, नाकेदार और रेंजर सभी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। वन विभाग के 3 नाकेदार शंकरपुरा उर्फ तेजपुरा (मुआसा) नाकेदार सत्यवान, बनियानी नाकेदार सांवरमल और खोदयाखेड़ी नाकेदार भीमराज मीणा की ड्यूटी है। दूसरी ओर, रोज 150 से 200 मजदूर दिन-रात फर्शी (मुक्कसर) निकालने और पत्थर (फर्शी) व मलबे की भराई का काम करते हैं। 24 घंटे में रब्बल पत्थर (चुनाई) और सैंड स्टोन की पट्टियों की 50 से 100 से ट्रॉलियां निकलती हैं। आप सबूत दें तो हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं : रेंजर
“वन विभाग की जमीन में खनन नहीं किया जा सकता। यहां पर किसी भी तरह का अवैध खनन नहीं हो रहा है। आपको यदि किसी ने सूचना दी है तो वो गलत है। यहां पर तो कोई अंदर प्रवेश ही नहीं कर सकता। आप तो मुझे सबूत दो, मैं कार्रवाई करुंगा।”
-गौरव मीणा, रेंजर, मंडाना


