भास्कर न्यूज| महासमुंद वाहन सुरक्षा और चोरी, तस्करी रोकने और नकली प्लेटों का इस्तेमाल बंद हो सके इस उद्देश्य से जिले में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जा रहा है। जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं है उन्हें 500 से 10,000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। परिवहन विभाग ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर अभियान चला रहा है, चालान से बचने के लिए एचएसआरपी लगवाना जरुरी है। एचएसआरपी फिटमेंट की लागत बाइक में करीब 500 रुपए है, नहीं होने पर दोगुना 1000 रुपए तक का चालान कटवाना पड़ सकता है। वहीं कार की फिटमेंट 800 रुपए है उनको 5000 से 10 हजार रुपए तक चालान भारी पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सेक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। चालानी कार्रवाई से बचने के लिए वाहनों में एचएसआरपी करवाना होगा। इसके लिए जिला परिवहन कार्यालय में पीओसी कर्मचारी नियुक्त है जो प्रति कार्य दिवस में उपस्थित रह कर एचएसआरपी के लिए आवेदन करते है। वहीं विभाग द्वारा ब्लाक स्तर और गांवों में शिविरों का भी आयोजन किया गया। इसके चलते आवेदन की रफ्तार धीमी हो गई है। जिले के परिवहन सुविधा केंद्रों में अब तक 25 हजार 420 सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग की जा चुकी है। वहीं परिवहन विभाग एचएसआरपी के लिए प्रचार प्रसार करने की दावा तो कर रहा है लेकिन आज भी अधिकांश लोगांे को एचएसआरपी क्या है इसकी पूरी जानकारी नहीं है। जानकारी के अभाव में लोग पुराने नंबर प्लेट को एचएसआरपी करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग ज्यादातर एचएसआरपी करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। जल्द ही बिना एचएसआरपी के चलने वाली वाहनों में चालानी कार्रवाई शुरू होगी। इससे लोगों को भारी भरकम चालान भरना पड़ सकता है। वहीं बिना एचएसआरपी के वाहन की बिक्री खरीदी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 25420 आवेदन, 20 हजार वाहनों में लगी प्लेट जिले में कुल 1 लाख 78 हजार 677 वाहनों में एचएसआरपी लगाने का लक्ष्य है। अप्रैल 2025 से शुरू अभियान में 25420 लोगांे ने आवेदन किया है। इसमें से 20 हजार 629 वाहनों में नंबर प्लेट लगाए जा चुके हैं। अब भी 1 लाख 58 हजार 48 वाहनों में एचएसआरपी नहीं लग सकी है। जिला परिवहन अधिकारी रामकुमार ध्रुव ने कहा कि एचएसआरपी नहीं होने पर जल्द ही चालानी कार्रवाई शुरू होगी। वाहनों में इसे लगवाना अनिवार्य है। वर्तमान में किसान किसानी में व्यस्त है। धान खरीदी बंद होने के बाद फरवरी महीने से ब्लाक और गांव स्तर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जागरूक कर एचएसआरपी की सुविधा उनके गांवों में दी जाएगी।


