मुरैना के सिकरौदा रेलवे स्टेशन के पास 17 दि पहले ट्रेन की चपेट में आने पर मौत हुए युवक की पहचान हो गई। इस दुर्घटना में उसके शरीर के दो दर्जन टुकड़े हो गए थे, जिससे उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। सोमवार को 17 दिन बाद उसकी लाश को पहचान लिया गया है। पुलिस ने उसकी बॉडी को गड्ढे में से खोदकर निकाला है। मृतक की पहचान लाखन पिता कल्ला (50) निवासी जौरी गांव के रूप में हुई है। 3 जनवरी को वह किसी काम से सिकरौदा रेलवे स्टेशन के पास गया हुआ था। जहां रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान वह एक ट्रेन की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बॉडी के दो दर्जन टुकड़े हुए ट्रेन एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि युवक की लाश के लगभग दो दर्जन टुकड़े हो गए थे। लाश को पहचान पाना नामुमकिन था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने लाश की पहचान न हो पाने के कारण, उसको दफना दिया था। बाद में युवक की पहचान हो गई। पहचान उसके कपड़ों से हुई है। पुलिस ने गड्ढा खोदकर निकाली लाश सोमवार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने छौंदा नहर के पास लाश को गड्ढे से बाहर निकाला और उसको उसके परिजनों को सौंप दिया। CSP विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि लाश उस समय अज्ञात थी, इसलिए उसको दफना दिया गया था। बाद में जब उसकी पहचान हुई तो आज गड्ढे में से निकलवा कर मृतक के परिजनों को सौंप दी है।


