नगर निगम टीम की कार्रवाई:कई नोटिस देने के बाद भी बकाया जमा नहीं कराया, निगम दस्ते ने सीज किए 3 मैरिज होम

नगर निगम ने बिना रजिस्ट्रेशन और फीस जमा न करने वाले मैरिज होम संचालकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक मैरिज होम को सीज कर दिया, जबकि दो अन्य संचालकों ने सीजिंग की कार्रवाई से बचने के लिए मौके पर ही लाखों रुपए की बकाया फीस जमा करवाई। नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन संचालकों को पहले कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन इन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, चौथे मैरिज होम शिव शक्ति पर भी कार्रवाई की तैयारी थी, लेकिन जांच में पता चला कि वहां फिलहाल शादियां और समारोह नहीं होते हैं, इसलिए टीम ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई के दौरान नगर निगम को मौके पर ही 5,56,850 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अन्य संचालकों ने भी जल्द ही अपने दस्तावेज और फीस जमा नहीं की, तो उन पर भी इसी तरह की तालाबंदी की जाएगी। कार्रवाई के दौरान ​राजस्व निरीक्षक अजीत सिंह चंद्रावत, सहायक राजस्व निरीक्षक ​कालूराम, मुख्य सफाई निरीक्षक विजयपाल, निहाल सिंह मीणा, ओमवीर, पुष्कर, धर्मवीर, रोहित और रवि मौजूद रहे। तीन मैरिज होम पर निगम ने की कार्रवाई 1. मदन मोहन मैरिज होम- निगम की टीम सबसे पहले सारस चौराहे स्थित मदन मोहन मैरिज होम पहुंची। यहाँ लंबे समय से रजिस्ट्रेशन फीस का बकाया चल रहा था। संचालक द्वारा भुगतान न किए जाने पर टीम ने इसे सीज कर दिया। इस पर 2,77,230 रुपये की राशि बकाया थी। 2. महताब वाटिका- इसके बाद टीम महताब वाटिका पहुंची और उसे सीज करने की प्रक्रिया शुरू की। सीज की कार्रवाई होते देख संचालक तुरंत पैसे जमा कराने को तैयार हो गया और मौके पर ही 1,92,850 रुपए जमा करवा दिए, जिसके बाद इसे छोड़ दिया गया। 3. ईगल नेक्स्ट होटल- टीम जब ईगल नेक्स्ट होटल पहुंची, तो वहां भी सीजिंग की तैयारी थी। लेकिन कार्रवाई के डर से संचालक ने तुरंत 3,64,000 रुपए की भारी-भरकम राशि निगम के खाते में जमा करवा दी। भुगतान मिलने पर यहां भी टीम ने नरमी बरती। निगम अधिकारियों ने दावा किया कि अभी कई और संचालकों पर बकाया है। अभियान चलाकर वसूली करेंगे। 68 मैरिज होम ​पर बकाया, धड़ल्ले हो रहीं यहां शादियां आरओ नगर निगम के राजस्व अधिकारी तेजराम मीना ने बताया कि शहर में 68 मैरिज होम बिना बकाया चुकाए चल रहे थे और उनमें धड़ल्ले से शादियां हो रही थीं। नियम के विरुद्ध चल रहे इन संस्थानों को कई बार नोटिस जारी कर रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने को कहा गया था, लेकिन संचालकों ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। 68 मैरिज होम पर एक करोड़ से अधिक बकाया निगम आयुक्त श्रवण कुमार ने बताया कि शहर में 68 मैरिज होम संचालित हैं। इन पर करीब एक करोड़ रुपए बकाया है, जबकि कई तो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। इन पर 50 हजार से लेकर करीब 4 लाख का कई वर्षों का बकाया है। अब इन को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है शहर में कई मैरिज होम रसूखदार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के भी है जिन्होंने कई सालों से बकाया जमा नहीं कराया है।

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