चित्तौड़गढ़| ग्रामीण विकास और आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए कानून विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन को लेकर ग्राम बोराव में एक दिवसीय किसान गोष्ठी हुई। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. रतनलाल सोलंकी ने नए विधेयक की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कानून के लागू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। यदि सरकार निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाती है, तो लाभार्थी को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। पशुपालक किसानों को पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए निशुल्क खनिज लवण वितरित किया गया। तकनीकी सहायक संजय कुमार धाकड़ ने बताया कि इस विधेयक के अंतर्गत परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, जो अकुशल शारीरिक श्रम करने का इच्छुक है, वह साल में 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी पाने का हकदार होगा। गोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र के शंकर लाल नाई, सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी हेमराज बंजारा मौजूद रहे।


