भास्कर संवाददाता | हनुमानगढ़ प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1.0 के तहत अनुदान की एक से तीन किश्तें लेने के बावजूद मकान निर्माण नहीं करने वाले लाभार्थियों को नगरपरिषद ने मंगलवार को अंतिम नोटिस जारी किए। खास बात है कि मंगलवार को टीम नोटिस देने पहुंची तो कई लोगों ने घर के गेट नहीं खोले और नोटिस लेने से इनकार कर दिया, जिस पर घरों के बाहर नोटिस चस्पां किए गए। लाभार्थियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने जल्द ही मिली राशि नगरपरिषद को वापस नहीं लौटाई तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इनमें करीब दो वर्ष पहले लाभार्थी पहली किश्त में 30 हजार रुपए, दो किश्तों में 60 हजार और तीन किश्तों में 1 लाख 20 हजार रुपए ले चुके हैं। लेकिन न तो इन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया और न ही अनुदान की राशि वापस लौटाई। इस कार्रवाई के दायरे में शहर के 41 लाभार्थी शामिल हैं। योजना का उद्देश्य है कि शहरी गरीबों को खुद का पक्का और सुरक्षित मकान उपलब्ध कराया जा सके। पीएमएवाई टीम में महेंद्र कुमार मीणा, मुकेश कुमार बौछावल व कृष्ण सिंह शेखावत शामिल थे। पीएम आवास योजना शहरी में हनुमानगढ़ प्रदेश में छठे नंबर पर है। 1497 आवास के लक्ष्य के मुकाबले नवंबर तक 1159 आवास ही बने हैं। यह लक्ष्य का 77.42% है। ब्यावर पहले, डीग दूसरे और चूरू तीसरे नंबर पर है, जबकि श्रीगंगानगर चौथे नंबर पर है। वहीं, पीएम आवास योजना ग्रामीण में जिला 35वें नंबर पर है। 11407 आवास के लक्ष्य के मुकाबले 1425 ही बने हैं, जोकि लक्ष्य का केवल 12.49% है। इसमें श्रीगंगानगर 15वें नंबर पर है, जबकि डीग पहले, झालावाड़ दूसरे और भरतपुर तीसरे नंबर पर है। बता दें, पीएम शहरी आवास योजना के तहत पहले डेढ़ लाख रुपए का अनुदान मिलता था। इसके तहत 2002 लाभार्थियों को 28.60 करोड़ रुपए का अनुदान वितरित किया गया था। अब पीएम शहरी आवास योजना-2.0 के तहत ढाई लाख रुपए का अनुदान मिलता है, जिसमें 2238 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें 2037 आवेदक जांच में अपात्र पाए गए, जिसके बाद आवेदन खारिज कर दिए गए। इसमें 13 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपए की पहली किश्त दी जा चुकी है, जबकि 40 पात्र प्रक्रियाधीन हैं। एक लाभार्थी के मकान पर नोटिस चस्पां करते नप के कर्मचारी।


