सुसाइड नोट में लिखा-भैया, भाभी लाश को हाथ न लगाएं:चार दिन पहले मनाया था जन्मदिन; ग्वालियर में कमरे में मिले थे मां-बेटे के शव

ग्वालियर में शनिवार देर रात एक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कर चुके मनीष राजपूत ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इसके बाद मां की भी मौत हो गई। पहले बताया गया कि बेटे की मौत का सदमा लगने से मां की भी मौत हुई। लेकिन पोस्टमार्टम करते हुए मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। मनीष ने उसमें लिखा कि वह और उसकी मां राधा राजपूत अपनी मर्जी से जहर खाकर जान दे रहे हैं। इसमें किसी और की कोई गलती नहीं है। उनके मरने के बाद पुलिस किसी को परेशान न करे। नोट में लिखी अंतिम इच्छा में उन्होंने गोदरेज में रखे मां के रुपयों को भांजों चुन्नू, रौनक और मादू के बीच बराबर बांटने कहा है। इसके साथ ही मरने के बाद भैया-भाभी (अनिल राजपूत और पूनम राजपूत) के लिए उनकी लाश को हाथ न लगाने देने की बात कही है। वहीं मनीष के भाई अनिल ने बताया कि उसे नौकरी नहीं मिल रही थी। इसी कारण उसकी शादी भी नहीं हो पाई थी। इसी वजह से वह लंबे समय से डिप्रेशन में था। सुसाइड नोट मिलने के बाद मां का भी पोस्टमार्टम कराया
ग्वालियर थाने के एएसआई जवाहर सिंह ने बताया कि रविवार सुबह थाने पर सूचना मिली कि महावीर चौक, गोशपुरा नंबर-1 में एक युवक ने गेहूं में रखने वाली दवा खाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मर्ग कायम कर युवक का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान युवक के कपड़ों की तलाशी में एक सुसाइड नोट मिला।
नोट में लिखा था कि मैं और मेरी मां अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं। इस जानकारी मामले को फिर से दर्ज कर मृतक की मां का भी पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। काम पर गया था बड़ा भाई अनिल
मनीष के पिता एक भाई और दो बहनें हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। बड़े भाई अनिल राजपूत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अलग किराये के मकान में रहते हैं। जब दैनिक भास्कर ने मनीष के बड़े भाई अनिल राजपूत से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 11:30 बजे वह अपनी साइट पर था।
तभी उसके पिता का फोन उसके मोबाइल पर आया, लेकिन वह कॉल अटेंड नहीं कर सका। इसके बाद उसकी पत्नी का फोन आया, जिसने बताया कि उसके पिता बार-बार कॉल कर रहे हैं और उनसे बात कर लो। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी ने दोबारा फोन किया और बताया कि घर में किसी ने जहरीला पदार्थ खा लिया है, जिससे तबीयत बिगड़ रही है।
जब वह घर पहुंचा, तो दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। पड़ोसी पूजा से बात की, तो पूजा ने बताया कि उसके भाई मनीष ने ताला लगाकर चाबी कहीं फेंक दी है। पहले परिजन बोले- मां की मौत हर्टअटैक से हुई
अनिल ने बताया जहरीला पदार्थ खाने की बात सुनकर वह घर पहुंचा। किसी तरह पड़ोसी की छत से होकर पहले घर में दाखिल हुआ। उसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर गया। मनीष को उठाकर अस्पताल ले गए। करीब दो घंटे बाद डॉक्टर ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। उस समय मुझे पता नहीं था कि मेरी मां कहां हैं।
बाद में मालूम हुआ कि मनीष की मौत की खबर सुनने के बाद मां की तबीयत बिगड़ गई थी और हार्ट अटैक आने के कारण उनकी मौत हो गई। जब मनीष का पोस्टमार्टम हो रहा था, तो उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला। उस नोट में उसने लिखा था कि वह और उसकी मां ने सल्फास खाकर जान देने का फैसला किया था।
मनीष ने चार दिन पहले मनाया था जन्मदिन
मौत से 4 दिन पहले 15 जनवरी को मनीष का जन्मदिन था। माता-पिता ने उसका जन्मदिन मनाया था और उसे लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया था। लेकिन सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा है कि मां-बेटे ने किन कारणों से आत्महत्या की। सुबह जब घर से मां बेटे की अर्थी निकाली गई तो पूरे मोहल्ले में जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। पढ़ा-लिखा होने के बाद भी नौकरी नहीं थी
गमगीन परिवार के साथ बैठे पप्पू गुर्जर ने बताया कि मनीष के पिता राजकुमार राजपूत जेसी मिल में नौकरी करते थे। ​मिल के बंद हो जाने के बाद उन्होंने चाय का ठेला लगाना शुरू कर दिया। उसी से उन्होंने दोनों लड़कों-लड़कियों को पढ़ाया। 3 बच्चों की शादी हो चुकी है, ऐसे में वे अलग रहते थे।
छोटा बेटा मनीष इस बात को लेकर अवसाद में रहता था कि वह बहुत पढ़ा-लिखा है, मगर नौकरी नहीं है। कोई छोटा-मोटा काम वह करना नहीं चाहता था। उसके पिता सिविल अस्पताल के सामने चाय का ठेला लगाते थे, मनीष इस बात को लेकर भी शर्मिंदगी महसूस करता था।​​​​​​​
घर से भागा, डिग्री जलाई, लैपटॉप तोड़ा
मृतक मनीष के पिता राजकुमार राजपूत (71) ने बताया कि उनके छोटे बेटे मनीष (33) ने बानमोर स्थित श्रीराम कॉलेज से इंजीनियरिंग (बीई कंप्यूटर साइंस) किया था। करीब 6 साल से उसे कोई नौकरी ही नहीं मिल रही थी, वह नौकरी के लिए तैयारी भी कर रहा था।
ऐसे में वह डिप्रेशन में आकर 2 बार घर से भी भाग चुका था, मगर फिर वापस लौट आया। वहीं उसने एक बार गुस्से में आकर अपनी सभी डिग्रियां व अन्य डॉक्यूमेंट जला दिए थे। बाद में उन्हें डुप्लीकेट निकालना पड़ा। बुजुर्ग का कहना है कि उनकी पत्नी व बेटे ने क्यों खुदकुशी कर ली, पता नहीं है।
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