राजधानी में ठग गिरोह ने एक बार फिर रांची वीमेंस कॉलेज की सेवानिवृत प्राध्यापिका डॉ. सुषमा दास गुरु (66) को ठगी का शिकार बनाया है। उनसे भी पुलिस वाला बनकर दो लोगों ने 15 लाख रुपए के जेवरात की ठगी कर ली है। इस संबंध में डॉ. सुषमा दास गुरु ने लालपुर थाना में दो अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें बताया है कि डॉ. सुषमा दास 17 जनवरी की सुबह 9.20 बजे अपने निवास स्थान सुरिभ अपार्टमेंट से काली मंदिर रोड होते हुए वर्धमान कंपाउंड जा रही थीं। उसी दौरान काली मंदिर से पहले एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और मैडम कह कर उन्हें बुलाया। उसने कहा कि सामने खड़े सर आपको बुला रहे हैं। एक व्यक्ति पान की दुकान के पास खड़ा था। उस व्यक्ति के पास डॉ. सुषमा दास गईं तो उसने कहा कि मैडम मैं आपको बुला रहा था, आप रुकीं नहीं। उस व्यक्ति ने कहा कि यहां पर कल चोरी हुई थी। दो दिन सोना के जेवरात पहनने की अनुमति नहीं है। मैडम फिर भी आप सोने के गहने पहनी हुई हैं। सारे जेवर उतरवा कर नकली जेवर थमा दिया ठग ने एक पेपर निकाला और कहा कि मैडम जेवरात इसमें रखिए। इसके बाद उस व्यक्ति ने सभी जेवरात को कागज में मोड़कर दे दिया। वह कागज लेकर आगे बढ़ने लगीं। थोड़ी दूर जाने के बाद उन्होंने कागज खोला तो उसमें नकली सोने की चूड़ियां मिली। तब तक दोनों ठग फरार हो चुके थे। राह चलते कोई भी कहे कि वह पुलिस वाला है तो उस पर यूं ही भरोसा ना करें। जांच लें कि वोे सच में पुलिस वाला ही है। ठग ने कहा कि हम पुलिस डिपार्टमेंट से हैं। आप जेवर खोलकर रख लीजिए। सुषमा दास ने कहा कि सामने के घर में ही उन्हें जाना है, वहीं खोल लूंगी। इस पर उसने फिर कड़े लहजे में उन्हें कहा- मैडम आप हमारे सामने गहने खोलिए, वरना आपको 2000 रुपए जुर्माना देना होगा। ठग के कहने पर डॉ. सुषमा ने सोने की चार अंगूठी, जिसमें से एक में डायमंड लगा हुआ था, एक में नीलम और एक में पुखराज लगा था, सभी को खोल कर उस व्यक्ति के हाथ में दिया। डॉ. सुषमा ने अपने हाथ से सोने की चूड़ियां, जिसमें डायमंड लगा हुआ था, खोली और उसे दिया। ऐसे की ठगी… हमारे सामने गहने उतारिए, नहीं तो 2000 रु. जुर्माना शहर में ठग गिरोह सक्रिय


