मेला… मॉनिटरिंग व कार्रवाई के लिए 16 विभाग के 55 अधिकारी फिर भी हर सेक्टर अव्यवस्थित

अधिकारी एक दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी बेतरतीब व सुरक्षा इंतजाम के बिना पार्किंग व्यवस्था… हर सेक्टर की सड़क पर हाथ ठेले व हॉकर्स का अतिक्रमण और उनके बीच धक्का खाते हुए निकलते सैलानियों की भीड़। ये नजारा है ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेले का। जिसमें व्यवस्थाएं बेहतर बनाए जाने के लिए पूरे वर्ष तैयारियां करने का दावा किया गया और 16 विभागों से 54 अफसरों को लेकर 12 विभिन्न टीमें बनाई गईं। उसके बाद भी मेले में पार्किंग की एंट्री से लेकर घूमने-फिरने तक सैलानियों को सिर्फ अव्यवस्थाओं का ही सामना करना पड़ रहा है। वहीं मेला प्राधिकरण के सचिव सुनील त्रिपाठी, जो कि वहां बैठकर पूरी व्यवस्थाएं देख रहे हैं। वे हर व्यवस्था के लिए संभागीय आयुक्त मनोज खत्री द्वारा बनाई गई समितियों के अधिकारियों का ही जिम्मा बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अफसरों की इस नूरा-कुश्ती में सैलानियों एवं व्यापारियों की फजीहत बनी हुई है। सैलानियों का कहना है कि सौ साल से भी ज्यादा पुराने इस व्यापार मेले को अधिकारियों को गंभीरता से लेना चाहिए। इसे व्यक्तिगत कमाई का और लापरवाही का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। हाल-ए-मेला: सड़क व छतरियों पर हॉकर्स, सीवर की गंदगी ने बढ़ाई व्यापारी और सैलानियों की मुश्किलें अतिक्रमण: दुकानदारों को 3 फीट कब्जे की छूट, हॉकर्स पर भी सख्ती नहीं मेले में दुकानों के बाहर और सड़कों पर अतिक्रमण न हो। इसलिए संभागायुक्त व मेला अध्यक्ष ने मदाखलत समिति बनाई है। जिसमें नगर निगम उपायुक्त, तहसीलदार, गोले का मंदिर थाना प्रभारी और मेला सचिव को रखा गया है। इनमें से कोई भी अधिकारी मेला में घूमकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग नहीं कर रहा। जिसका नतीजा यह है कि मेले की हर सड़क और छतरी पर हॉकर्स का अवैध कब्जा बना हुआ है। हाथ ठेले और हॉकर्स ने सड़क घेर रखी है वहीं मेला प्राधिकरण से मिली छूट का फायदा उठाकर दुकानदारों ने भी 3 फीट सड़क पर कब्जा कर रखा है। बाजार: सीवर गंदगी से व्यापारी-सैलानी परेशान व्यापार मेले में बाजार व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति बनाई गई है। जिनमें अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, मुरार व लश्कर एसडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मेला सचिव शामिल हैं। इस समिति को मेले में सफाई, अतिक्रमण, बिजली समेत सभी व्यवस्थाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण कर कार्रवाई करनी है। लेकिन ये अधिकारी अब तक 2 बार ही मेला पहुंच सके हैं। अफसरों की ढिलाई के कारण सफाई ठेकेदार और व्यापारी मनमानी कर रहे हैं। पार्किंग: सिर्फ पर्ची काट रहे लड़के, सुरक्षा नहीं व्यापार मेले में पार्किंग स्थलों पर ठेकेदार द्वारा लगाए गए लड़के सिर्फ वाहनों की पर्ची काटकर वसूली पर फोकस किए हैं। पार्किंग के अंदर गाड़ियां किस तरह लग रही हैं या कोई अन्य व्यक्ति किसी गाड़ी से छेड़छाड़ कर रहा है या नहीं? इसके अलावा गाड़ी के बाहर जाने पर पर्ची भी हर गाड़ी की चेक नहीं हो रही। वहीं, इतने बड़े मेले की पार्किंग व्यवस्था में डिजीटल पेमेंट के लिए यूपीआई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि संभागीय आयुक्त ने इस व्यवस्था के लिए मुरार/लश्कर एसडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त,ट्रैफिक पुलिस डीएसपी, गोले का मंदिर थाना प्रभारी, मेला सचिव की टीम बनाई हुई है। इन विभागों के अफसरों की लगी ड्यूटी जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, मेला प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, ईएंडएम, बिजली, विद्युत सुरक्षा, जिला पंचायत, टीएंडसीपी, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, किसान एवं कल्याण कृषि विभाग।

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