रांची में टीएमसी सांसद के नाम पर नौकरी व सब्सिडी वाला लोन दिलाने के नाम पर 12.80 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कार्तिक उरांव चौक हरमू के पास रहने वाले मनोज कुमार झा ने तीन पर केस दर्ज कराया है। आरोपियों में लीना देवी, पियूष घोषाल और अभिजीत मिश्रा शामिल हैं। प्राथमिकी के अनुसार लीना देवी मार्च 2024 में अपने बेटे पियूष घोषाल के साथ मनोज झा के हॉस्टल में आई थी। उन्होंने बताया कि वह बोकारो में रहती है। बात चीत के दौरान ही उन्होंने बताया कि टीएमसी सांसद काकोली घोष ने उनके बेटे का राजभवन रांची में नौकरी लगवा रही है। दो चार महीने में इसकी नौकरी पक्की हो जाएगी। उसने यह भी कहा कि उनका बेटा उनके हॉस्टल में रहेगा। अपने बेटे को वहां रखकर वह चली गई। फिर लीना देवी अक्सर मनोज झा के हॉस्टल में आने लगी। कभी वह अपने भाई अभिजीत मिश्रा के साथ आती तो कभी अकेली। अभिजीत मिश्रा और लीना देवी ने मनोज झा को मिलने के दौरान ही बताया कि टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार काफी पॉवरफुल है। वह उप-राष्ट्रपति के यहां से नौकरी व सब्सिडी वाला लोन दिलाने से संबंधित कागजात जमा कर अनुशंसा करा लेती है। कैंडीडेट की क्षमता पर नौकरी व लोन मिल जाता है। लीना देवी ने मनोज झा को बताया कि नौकरी के लिए प्रति कैंडीडेट 10 हजार व लोन के लिए 25 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस लगता है। फिर दोनों भाई बहन ने मनोज मिश्रा को झांसे में लेने के लिए कई कैंडिडेट का नौकरी का लेटर व लोन के कागजात दिखाए। हिमाचल के मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराने का दिया था झांसा एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर ठगी का मामला चुटिया थाना में अयोध्यापुरी की रहने वाली ममता देवी ने दर्ज कराया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार अनूप अग्रवाल नाम के व्यक्ति से ममता देवी की मुलाकात हुई। उसने कहा कि वह उनकी बेटी का एडमिशन हिमाचल प्रदेश स्थित एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में करा देंगे। इसके लिए उनसे पांच लाख रुपए की मांग की गई। ममता देवी उसके झांसे में आ गई। उन्होंने पांच लाख रुपए उसे दो किश्तों में चेक के माध्यम से दिए। अनूप अग्रवाल ने उन्हें एडमिशन के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिए और कहा कि उनकी बेटी का एडमिशन हो जाएगा। पैसे लेने के कुछ दिन बाद जब ममता देवी ने उससे एडमिशन के सिलसिले में पूछताछ की तो वह टाल मटोल करने लगा। धीरे धीरे वह उनका फोन उठाना भी बंद कर दिया। तब ममता देवी को समझ में आ गया कि वह ठगी की शिकार हो गई है। जब अपना पैसा मांगने के लिए उसके गोसाई टोला अपार्टमेंट वह गई तो पता चला कि ह मकान खाली कर भाग गया है। इस ठगी की घटना के बाद वह मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हो गई। इसके बाद उन्होंने चुटिया थाने में ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। भाई बहन ने मनोज झा को कागजात दिखा झांसे में ले लिया। मनोज मिश्रा ने कहा कि काम कराने के लिए पैसे कैसे देने होंगे। दोनों ने कहा कि उनका बेटा उनके हॉस्टल में ही रहता है। आप उसे काम के लिए पैसे दिजीएगा। वह को-आर्डिनेट करेगा। लीना के बेटे ने मनोज मिश्रा को एक स्कैनर व एकाउंट नंबर दिया और कहा कि इसमें जितने पैसे बोला जाए डाल दिजीएगा। आपका काम होता रहेगा। मनोज झा ने नौकरी व लोन के लिए पहले 4 लाख, फिर 2.20 लाख, फिर 90 हजार, 1.50 लाख, 50 हजार, 1.80 लाख, 50 हजार, 1.25 लाख कुल 12.80 लाख रुपए दिए। ये राशि मुख्यत: पुंदाग निवासी अखलाक अहमद, बोकारो निवासी राजू यादव, पुंदाग निवासी राजीव झा, नियाम तुल्लाह अंंसारी, रातू रोड निवासी सत्य प्रकाश शर्मा, कचहरी रोड निवासी दीपक प्रसाद से नौकरी व सब्सिडी पर लोन दिलाने के नाम पर लिए गए थे। पैसे लेने के बाद दोनों भाई बहन ने उन्हें कहा कि दिसंबर 2024 तक सभी को नौकरी व लोन का स्वीकृति पत्र मिल जाएगा। लेकिन किसी को नहीं मिला। पैसे लेने के बाद सभी ने फोन उठाना बंद कर दिया। पियूष को जब मनोज झा फोन करते तो उन्हें टाल मटोल करता। जब मनोज झा लीना व अभिजीत से मिलने गए तो उन लोगो ने पहचानने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अरगोड़ा थाना में तीनों के विरुद्ध केस दर्ज कराया। इधर, एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर 5 लाख ठगी की प्राथमिकी दर्ज


