कलेक्टोरेट में मंगलवार को जनसुनवाई में दोपहर 12 बजे तक अधिकारी तो थे पर आवेदक कम आए। हालांकि, अधिकारियों के पीछे 20 से ज्यादा आवेदक बैठे थे। अफसरों ने कहा, आप लोग को सुन लिया है, जाइए, लेकिन एक भी नहीं गया। कलेक्टर शिवम वर्मा आए तो लोगों को बुलाना शुरू किया। कंडीलपुरा की उर्मिला बाई बोली, किराएदार घर खाली नहीं कर रहा है। आपके पैर पढ़ लूं, मैं चाहती हूं कि जीते जी बच्चों को घर मिल जाए। कलेक्टर ने कहा कार्रवाई करेंगे। बुजुर्ग दयाराम बोले विकलांग हूं, जूता बनवाया है पर रुपए नहीं है। पूछा कितने का आएगा तो कहा 2950 रुपए का। कलेक्टर के कहने पर तत्काल सामाजिक न्याय विभाग से 3 हजार रुपए देने के लिए कहा गया। एक महिला कर्मचारी ने शिक्षा विभाग की समस्या बताई। कलेक्टर ने डीईओ को बुलाया और कहा इनका काम करा दो। शिक्षिका से कहा 10 दिन में आपका काम हो जाएगा। कई लोगों को आर्थिक मदद दी, आपसी विवाद के मामले भी सुलझाए कलेक्टर ने देखा कि कई लोग इंतजार में बैठे हैं। उन्होंने एसडीएम से कहा- आप इन्हें सुन लीजिए तो जवाब मिला सर, हम तो सुन चुके हैं पर ये आपको बताना चाहते हैं। इसके बाद एक किसान ने सीमांकन नहीं होने की बात कही। इस बीच नारों की आवाज आने लगी तो पता चला बेटमा से धर्म रक्षा समिति के कार्यकर्ता साधु-संतों के साथ आए हैं। उन्हें गेट पर रोका तो वे परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। उनकी मांग थी कि बेटमा में गोवंश को मारा जा रहा है। बूचड़खाना बंद किया जाए। अपर कलेक्टर रोशन राय ने ज्ञापन लिया, तब वे शांत हुए। आउटसोर्स कर्मचारी भी बड़ी संख्या में पहुंचे, उनकी शिकायत थी कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। द बुद्धिस्ट सोसायटी ने किया प्रदर्शन, ज्ञापन दिया द बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के लोग भी कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालियर में लगातार बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान हो रहा है। अपमान करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, निगम की जनसुनवाई में 32 आवेदन हुए प्राप्त नगर निगम में भी हुई जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का तत्काल निराकरण कर दिया गया है। आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निगम मुख्यालय स्थित कक्ष में जनता की परेशानियों को सुना। इस दौरान राजस्व, मार्केट, भवन अनुज्ञा, स्वास्थ्य विभाग, रिमूवल, सीवरेज विभाग, जनकार्य सहित अन्य विभागों के 32 आवेदन आयुक्त के समक्ष रखे गए। प्राप्त आवेदन को अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त व विभाग प्रमुख को तत्काल प्रेषित कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।


