जैसलमेर में कड़ाके की सर्दी में पुलिस की मानवता:पुलिस टीम ने असहायों को ठंड में दी राहत, जरूरतमंदों को 100 कंबल बांटें

सीमावर्ती जिले जैसलमेर में इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इस ठिठुरन भरी सर्दी के बीच मानवता की एक सराहनीय तस्वीर सामने आई है। जैसलमेर पुलिस लाइन के रिजर्व इंस्पेक्टर मोहम्मद हनीफ के नेतृत्व ने पुलिस लाइन की टीम ने जरूरतमंदों को कड़ाके की सर्दी में कंबलें बांटी। पुलिस टीम ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए शहर के जरूरतमंदों और प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। पुलिस टीम ने 100 कंबलें बांटकर सर्दी में असहायों को राहत दी है।शहरवासियों ने पुलिस विभाग के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि जब तापमान न्यूनतम स्तर पर हो, तब इस तरह की मदद किसी जीवनदान से कम नहीं होती। पुलिस का यह चेहरा न केवल समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करता है, बल्कि आपसी विश्वास और सद्भावना को भी मजबूती देता है। देर रात शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंची टीम बीती रात संचित निरीक्षक मोहम्मद हनीफ के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने जैसलमेर शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने रेलवे स्टेशन, गड़ीसर चौराहा, मुख्य बस स्टैंड और हनुमान चौराहा सहित उन सभी स्थानों का जायजा लिया, जहाँ खुले आसमान के नीचे या रैन बसेरों के बाहर गरीब मजदूर और प्रवासी लोग शरण लिए हुए थे। 100 जरूरतमंदों को मिली राहत कड़ाके की ठंड को देखते हुए, मोहम्मद हनीफ और उनकी टीम ने लगभग 100 जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए। अचानक रात के अंधेरे में मदद पाकर इन मजदूरों के चेहरों पर सुकून नजर आया। इस सेवा कार्य में पुलिस लाइन के एल.ओ. ओमप्रकाश, रीडर गंगासिंह, मेजर बालमाराम और अन्य पुलिस कर्मियों ने भी सक्रिय योगदान दिया। सामाजिक सरोकारों के लिए पहचाने जाते हैं आरआई हनीफ यह पहली बार नहीं है जब मोहम्मद हनीफ इस तरह के सेवा कार्य में नजर आए हों। विभाग में वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ अपने सामाजिक सरोकारों के लिए भी विशेष रूप से पहचाने जाते हैं। जहाँ भी उनकी पदस्थापना रही है, वहां उन्होंने पुलिस की छवि को जनता के बीच एक मददगार के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। शहरवासियों ने पुलिस विभाग के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि जब तापमान न्यूनतम स्तर पर हो, तब इस तरह की मदद किसी जीवनदान से कम नहीं होती। पुलिस का यह चेहरा न केवल समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करता है, बल्कि आपसी विश्वास और सद्भावना को भी मजबूती देता है।

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