पाली के बांडी नदी में अज्ञात लोगों ने चोरी छीपे फैक्ट्रियों का रंगीन दूषित पानी खाली कर बांडी नदी को दूषित करने का काम किया। इस पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार पाली के प्रदूषण नियंत्रण मंडल में कार्यरत कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता महेंद्र सोलंकी ने रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि पाली के पूनायता रीको क्षेत्र के पास नदी में बने पुलिया के पास केमिकलयुक्त पानी पड़ा मिला। जो संभवत किसी ने रात के अंधेरे में चोरी छीपे खाली किया है। जिससे बांडी नदी दूषित हुई और संक्रमण का भी खतरा फैला। यह भी पढ़े – पाली में बांडी नदी को दूषित करने की साजिश:ट्रीटमेंट प्लांट बंद, फैक्ट्रियों का रंगीन पानी बिना नंबर के टैंकरों से डाल रहे सीवरेज में फैक्ट्रियों से चोरी छीपे पानी लाकर करते है खाली
बता दे कि दैनिक भास्कर डिजिटल ने स्ट्रिंग ऑपरेशन कर 10 दिसम्बर को पाली में बांडी नदी को दूषित करने की साजिश शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया कि रात के अंधेरे में पाली के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र से फैक्ट्रियों का रंगीन पानी लाकर पूनायता औद्योगिक क्षेत्र के निकट बसी लौहार बस्ती के पास सीवरेज की हौदी के जरिए सीधे नाले में खाली किया जा रहा है। जो सीधे आगे चलकर बांडी नदी में गिरकर उसे दूषित कर रहा है। बाद में जिला कलेक्टर एलएन मंत्री ने पूनायता औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। ट्रीटमेंट प्लांट संख्या तीन के निकट से गुजर रहे रंगीन पानी को देखा तो नाराजी जताई। जिला कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर निगम की टीम जागी और वहां से अवैध रूप से नाले तक बिछाई गई पाइप लाइन को उखाड़ा लेकिन किसी तरह का मामला दर्ज करने से जिम्मेदार अधिकारी बचते रहे। ऐसे में बांडी को दूषित करने वालों के हौंसले बुलंद है।


