सतना जिले में उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब 1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को जहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री था, वहीं मंगलवार को यह लुढ़ककर 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, दिन के समय धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है और यह 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। सुबह 9 बजे के बाद ही लोग धूप सेंकते नजर आते हैं। शाम होते ही ठंड का असर बढ़ जाता है और रात 10 बजे के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। करीब एक सप्ताह के बाद शहरी इलाकों में देर रात हल्का कोहरा भी देखा गया है। पारा और गिरने के आसार
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। बढ़ती ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से विशेष बचाव करने की सलाह दी गई है। 4 डिग्री से नीचे गया तापमान तो फसलों को खतरा
लगातार गिरते पारे ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाता है, तो फसलों में पाला लगने का खतरा बढ़ जाएगा। विशेषकर दलहन (दाले) और तिलहन फसलों को इससे भारी नुकसान हो सकता है।


