दतिया में रात में घना कोहरा, सुबह बूंदाबांदी:विजिबिलिटी 50 मीटर रह गई, रबी फसलों को फायदा; अलाव जला रहे किसान

दतिया में मौसम लगातार अपने रंग बदल रहा है। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात जिले में घने कोहरे की चादर छा गई, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर महज 40 से 50 मीटर रह गई। कोहरे के कारण हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक वाहनों की रफ्तार थम गई। कोहरे के बाद सुबह मौसम ने फिर करवट ली और हल्की बारिश जैसी बूंदाबांदी हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई है। कोहरे का असर आधी रात के बाद सबसे ज्यादा देखा गया। विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण सुबह तक जनजीवन सुस्त रहा। बसों और ट्रकों के चालकों को हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर बेहद सावधानी से वाहन चलाने पड़े। सुबह के समय छाई नमी बारिश की तरह बरसती दिखी, जिसने ठिठुरन में इजाफा कर दिया। गेहूं-चना के लिए फायदेमंद, सब्जियों पर खतरा
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मौसम रबी की फसलों के लिए राहत भरा है। खेतों में मिल रही नमी से गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी फसलों को फायदा होगा। इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और सिंचाई की जरूरत भी कुछ हद तक कम हो जाएगी। हालांकि, लगातार कोहरे और बढ़ती ठंड से सब्जियों पर पाले का खतरा भी मंडरा रहा है। आलू-टमाटर को बचाने अलाव जला रहे किसान
सब्जी उत्पादक किसानों ने चिंता जताई है कि यदि तापमान और गिरा तो आलू, टमाटर और मटर जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। पाले के खतरे को देखते हुए किसान सतर्क हो गए हैं। वे रात के समय खेतों में हल्की सिंचाई कर रहे हैं और मेढ़ों पर धुआं करके फसलों को बचाने के उपाय अपना रहे हैं।

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