बड़वानी में नर्मदा का बैकवाटर घटा:जागीरदारपुरा घाट पर नर्मदा जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू, दो दिन में आएंगे हजारों लोग

बड़वानी में नर्मदा नदी का बैकवाटर कम होने लगा है। पुराने फिल्टर प्लांट के आगे बना रपटा पांच माह बाद अब पानी से बाहर आने लगा है। बरसात के मौसम में बैकवाटर बढ़ने के कारण यह पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया था। राजघाट के किनारे नर्मदा बैकवाटर का उच्चतम स्तर 138.60 मीटर है, जिससे कुकरा राजघाट के गांव और पुराने फिल्टर प्लांट तक पानी फैल जाता है। डूब के कई वर्षों बाद भी नया घाट नहीं बनने के कारण लोग किनारों पर ही स्नान-पूजन करते हैं। ऐसे में गहरे पानी का अंदाजा न होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। फिलहाल बैकवाटर में कमी आने से रपटा से पानी धीरे-धीरे उतर रहा है। 22 जनवरी से शुरू हो रहे नर्मदा जयंती कार्यक्रम के दौरान राजघाट तक सड़क मार्ग खुलने की उम्मीद है। शहर के समीप नर्मदा बैकवाटर के बीच निर्मित मां नर्मदा जागीरदारपुरा नवीन घाट पर इस माह तीन दिवसीय नर्मदा जयंती कार्यक्रम आयोजित होगा। शहर के समीप नर्मदा तट पर श्रीराम बाबा के मार्गदर्शन में प्रति वर्ष नर्मदा जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से नर्मदा बैकवाटर के कारण यह कार्यक्रम रोहिणी तीर्थ राजघाट से दूर बैकवाटर किनारे आयोजित हो रहा है। पिछले वर्ष वर्षाकाल के दौरान जागीरदारपुरा घाट का निर्माण कराया गया था। इस वर्ष 35वां नर्मदा जयंती आयोजन जागीरदारपुरा घाट पर ही होगा। श्रीश्री 1008 ईश्वरानंद उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में 22 से 25 जनवरी तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसमें कथा श्रवण और प्रसादी भंडारा शामिल है। मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट निर्माण समिति के अध्यक्ष अजयसिंह ठाकुर और सचिव ठाकुर कनकसिंह दरबार ने बताया कि 22 से 25 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक पंडित अंकित शर्मा (सिनखेड़ा-खरगोन) अपने मुखारबिंद से नर्मदा पुराण कथा का रसपान कराएंगे। 24 और 25 जनवरी को सुबह 11 बजे कन्या पूजन व कन्या भोज होगा। जबकि नर्मदा जयंती के दिन 25 जनवरी को सुबह 10 से 11 बजे तक कथा होगी। कार्यक्रम अंतर्गत 24 जनवरी को सुबह 10 बजे चुनरी यात्रा निकलेगी और कन्या भोज होगा। इसमें ईश्वरानंद महर्षि उत्तम स्वामी महाराज शामिल होंगे। इस मौके पर नर्मदा जयंती पर 25 जनवरी को क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई द्वारा मां नर्मदा को 1101 मीटर की विशाल चुनरी अर्पण की जाएगी। पश्चात मां नर्मदा का दुग्धाभिषेक कर महाआरती की जाएगी। दोपहर 12 बजे से विशाल प्रसादी भंडारा होगा। इसके बाद सायंकाल मां नर्मदा की पालकी यात्रा निकालकर महाआरती की जाएगी। देर शाम दीपदान किया जाएगा।

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