धार-इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुनारखेड़ी नाले के पास पिछले कई महीनों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। नाले की निकासी बंद होने के कारण हाईवे की एक लेन पर लगातार पानी, कीचड़ और फिसलन बनी रहती है, जिससे आवागमन करने वालों को भारी परेशानी हो रही है। रेलवे कार्य के बाद बिगड़ी स्थिति स्थानीय निवासियों के अनुसार रेलवे द्वारा नाले के बहाव को बंद किए जाने के बाद यह समस्या और गंभीर हो गई है। पानी निकलने का रास्ता बंद होने से नाले का पूरा पानी सड़क पर फैल रहा है। जलभराव और फिसलन का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। आए दिन वाहन फिसलने की घटनाएं हो रही हैं, जिनमें लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। राहगीरों को भी इस रास्ते से गुजरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर को दिया गया आवेदन स्थानीय दुकानदार मनीष परमार ने बताया कि आसपास के व्यापारियों ने इस समस्या को लेकर धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को आवेदन सौंपा था। इसके साथ ही संबंधित विभागों को भी शिकायतें भेजी गईं। शिकायतों के बावजूद अब तक जलनिकासी या सड़क सुधार को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक अनदेखी के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। हाईवे की एक लेन हुई क्षतिग्रस्त लगातार जलभराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग की एक पूरी लेन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें हमेशा पानी भरा रहता है। रात के समय पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थायी समाधान की मांग स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से नाले की निकासी और सड़क सुधार के लिए तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे और किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


