मध्यप्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था डिजिटल हो रही है। भारत सरकार के स्वयं (SWAYAM) पोर्टल को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में संचालित सभी व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की स्वयं पोर्टल से मैपिंग 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। इसका सीधा फायदा लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें अब ऑनलाइन पढ़ाई के साथ अकादमिक क्रेडिट भी मिलेंगे। खास बात यह है कि गैर-तकनीकी विषयों में पंजीयन के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल बनकर उभरा है। बीते एक वर्ष में पंजीयन में 350 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि इस बात का संकेत है कि डिजिटल शिक्षा को लेकर छात्रों का भरोसा बढ़ा है और राज्य सरकार की रणनीति जमीन पर असर दिखा रही है। सभी कोर्स की अनिवार्य मैपिंग
समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने केंद्रीय अध्ययन मंडल के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ “स्वयं” पोर्टल की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में उपलब्ध सभी 35 व्यावसायिक कोर्सेस की स्वयं पोर्टल से मैपिंग तय समय-सीमा में पूरी की जाए। इससे इन पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को क्रेडिट ट्रांसफर का फायदा मिलना शुरू होगा। जो उनकी डिग्री को अधिक उपयोगी बनाएगा। रोजगारोन्मुख कोर्स पर सरकार का फोकस
अनुपम राजन ने कहा कि स्वयं पोर्टल पर नए और अन्य रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों को समूह बनाकर शामिल किया जाए। इससे विद्यार्थियों का कौशल संवर्धन होगा और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खुद को बेहतर ढंग से साबित कर सकेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल व्यवसायिक ही नहीं, बल्कि छोटे-बड़े सभी विषयों की मैपिंग स्वयं पोर्टल से सुनिश्चित की जाए। गैर-तकनीकी विषयों में मध्यप्रदेश अव्वल
मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य बन गया है, जहां गैर-तकनीकी विषयों में तकनीकी विषयों से अधिक पंजीयन दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में लगभग 2 लाख यानी 57 प्रतिशत विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है, जबकि तकनीकी विषयों में यह संख्या करीब 1.5 लाख यानी 43 प्रतिशत है। बीते एक साल में 350 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि राज्य की योजनाबद्ध कोशिशों को दर्शाती है। समझें “स्वयं” पोर्टल को…
स्वयं का पूरा नाम स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स है। यह भारत सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा नीति के तीन मूल सिद्धांत पहुंच, समानता और गुणवत्ता को साकार करना है। इसका लक्ष्य श्रेष्ठ शिक्षण सामग्री को समाज के हर वर्ग, खासकर वंचित छात्रों तक पहुंचाना है। कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी सख्ती
बैठक में अनुपम राजन ने महाविद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, नियमित कक्षाओं और प्राध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अकादमिक माहौल को बेहतर बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इस समीक्षा बैठक में आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी प्रो. अनिल पाठक, स्वयं पोर्टल की नोडल अधिकारी डॉ. दिवा मिश्रा सहित केंद्रीय अध्ययन मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।


