सूरजपुर यातायात पुलिस ने रात के समय सड़क हादसों से बचाव के लिए वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने की पहल की है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत बुधवार को यातायात प्रभारी बृजकिशोर पांडेय और उनकी टीम ने नया बस स्टैंड पर 25 बसों के आगे-पीछे रेडियम युक्त पट्टी लगाई। यातायात प्रभारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य खराब रोशनी या रात के दौरान बसों की दृश्यता बढ़ाना है। बसों के आगे, पीछे और किनारों पर रेडियम पट्टी लगाने से अंधेरे या कोहरे जैसी खराब मौसम की स्थिति में अन्य चालकों को वाहन आसानी से दिखाई देते हैं, जिससे टक्कर का जोखिम कम हो जाता है। इमरजेंसी गेट की जांच, खामी पर कार्रवाई रेडियम पट्टी लगाने के बाद यातायात प्रभारी ने बसों के इमरजेंसी गेट (आपातकालीन द्वार) का भी जायजा लिया। इस दौरान एक बस का इमरजेंसी गेट काफी देर तक खोलने पर भी नहीं खुला। इस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए बस का चालान काटा गया। यात्री सुरक्षा को लेकर सख्ती वाहन चालक को यातायात नियमों का पालन करने और गेट को तुरंत ठीक कराकर सुरक्षित सड़क पर चलने की सलाह दी गई। प्रभारी ने बताया कि इमरजेंसी गेट का मुख्य उद्देश्य सामान्य निकास मार्गों के विफल होने पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में बस से सुरक्षित और तुरंत बाहर निकालना है। कॉलेजों में ड्राइविंग लाइसेंस और सड़क सुरक्षा कैंप लगाने की मांग सूरजपुर में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आकाश साहू के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी महाविद्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस (लर्निंग) शिविर आयोजित करने और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई है। आकाश साहू ने बताया कि सूरजपुर जिला शिक्षा और युवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस की पर्याप्त जानकारी और उपलब्धता के अभाव में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जो गंभीर चिंता का विषय है। महाविद्यालयों में लर्निंग लाइसेंस शिविर की मांग इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एनएसयूआई ने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है कि जिले के सभी महाविद्यालयों में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सरल और सुगम प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता मिल सके। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का प्रस्ताव इसके साथ ही एनएसयूआई ने शिविरों के माध्यम से ‘सड़क सुरक्षा – जीवन सुरक्षा’ नामक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, गति सीमा, यातायात संकेतों की जानकारी और सुरक्षित वाहन चलाने के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।


