सरगुजा के जिला सत्र न्यायालय परिसर में कथित लव जिहाद को लेकर हंगामे की स्थिति बन गई। झारखंड निवासी एक मुस्लिम युवक द्वारा लुण्ड्रा क्षेत्र की अनुसूचित जाति की युवती से निकाह करने के लिए कोर्ट में पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलते ही वकीलों और हिंदू संगठनों के लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। हस्तक्षेप के बाद प्रस्तावित निकाह रुकवा दिया गया। मामला अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, लुण्ड्रा थाना क्षेत्र की अनुसूचित जाति युवती को लेकर झारखंड का एक मुस्लिम युवक फिराज अंसारी अंबिकापुर जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचा और निकाह के लिए दस्तावेज तैयार करा रहा था। युवती ने अपने पिता को भी कुछ काम बताकर बुला लिया था। मुस्लिम युवक द्वारा गैर मुस्लिम युवती से निकाह करने की सूचना मिलने पर हिंदुवादी संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए। हिंदू संगठन के लोगों ने युवती को समझाइश दी और निकाह रुकवा दिया। कोर्ट में बनी तनाव की स्थिति, युवक को पीटा
हिंदू संगठन से जुड़े युवकों ने मुस्लिम युवक की पिटाई भी कर दी। इसे लेकर कुछ देर तक कोर्ट में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। युवती के पिता इसके लिए तैयार नहीं थे कि मुस्लिम युवक से उसकी बेटी शादी करे। युवती ने अंबिकापुर एसडीएम को आवेदन भी दिया है, जिसमें उसने बताया है कि कुछ वर्ष पूर्व झारखंड निवासी फिराज अंसारी से उसका परिचय हुआ था। आरोप है कि युवक द्वारा उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने और निकाह करने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार और समाज की समझाइश के बाद युवती ने निकाह नहीं करने का निर्णय लिया है। युवती ने यदि भविष्य में फिराज अंसारी या उसके परिजनों द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव बनाया जाता है तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। हिंदू संगठन के युवकों ने कहा-लव जिहाद
कोतवाली पुलिस ने मुस्लिम युवक व आदिवासी युवती को थाने तलब किया। हिंदू संगठन की ओर से वेदांत तिवारी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य किसी के साथ मारपीट नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकना है, जहां किसी पर दबाव डालकर धर्म परिवर्तन और निकाह कराया जा रहा हो। युवती ने स्वयं निकाह से इनकार किया है।” यहां तक कि युवती के पिता को भी निकाह की कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


