छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक 12 फीट लंबा किंग कोबरा बालकों क्षेत्र के तिलईदाड़ गांव में एक बंद सेप्टिक टैंक में गिरा हुआ मिला। घर वालों की नजर पड़ने पर ग्रामीणों में सांप को लेकर कौतूहल और चिंता फैल गई, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर की टीम को दी गई। जितेंद्र सारथी ने कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को मामले की जानकारी दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार के मार्गदर्शन में बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार और जितेंद्र सारथी अपनी टीम (सिद्धांत जैन, राजू बर्मन, नागेश सोनी, अंजय देवांगन) के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने शुरू किया रेस्क्यू गांव पहुंचने पर टीम ने सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। इसके बाद तय प्रोटोकॉल के तहत किंग कोबरा को बचाने का अभियान शुरू किया गया। स्नेक कैचर ने सुरक्षित रेस्क्यू किया स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि किंग कोबरा पिछले कुछ दिनों से इस बंद सेप्टिक टैंक में फंसा हुआ था। टीम ने धैर्य और सावधानी से काम करते हुए आखिरकार किंग कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर एक थैले में डाल दिया। सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की। उन्होंने किंग कोबरा को ‘पहाड़ चित्ती’ बताते हुए कहा कि यह उनके क्षेत्र का धरोहर और देव है, जिसका संरक्षण आवश्यक है। वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने बताया कि मकान मालिक रामायण कंवर के घर से रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। इसके उपरांत किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।


