विदिशा में बेटों ने 90 वर्षीय मां को बांटा:लाखों रुपये लेने के बाद हर महीने रखने से किया इनकार, पुलिस ने सुलझाया

विदिशा में फिल्म ‘बागबान’ जैसी एक मार्मिक कहानी सामने आई है, जहां चार बेटों ने अपनी 90 वर्षीय मां से लाखों रुपए लेने के बाद उन्हें एक-एक महीने रखने का बंटवारा कर लिया। तय महीना पूरा होने पर अगला बेटा मां को रखने से इनकार करने लगा, जिसके बाद यह मामला पुलिस पंचायत तक पहुंचा। बुजुर्ग महिला ने पुलिस पंचायत को बताया कि उनके चार बेटों ने उन्हें बारी-बारी से एक-एक माह रखने का फैसला किया था। हालांकि, एक माह पूरा होने पर कोई भी बेटा उनकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता था। सुनवाई में यह भी सामने आया कि महिला ने अपने चारों बेटों को पहले ही पांच-पांच लाख रुपए दिए थे। महिला के पास बैंक जमा और कृषि से भी आय थी, इसके बावजूद उन्हें सम्मान और देखभाल के लिए भटकना पड़ रहा था। बेटों के इस अमानवीय व्यवहार पर पुलिस पंचायत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे की अध्यक्षता में पुलिस पंचायत की साप्ताहिक बैठक आयोजित हुई। पंचायत कोर कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में इस मामले की सुनवाई की गई। पुलिस पंचायत ने निर्णय लिया कि बुजुर्ग महिला की बैंक राशि को मासिक आय योजना में निवेश किया जाएगा। साथ ही, एक बेटा उन्हें स्थायी रूप से अपने घर में रखेगा, जबकि बाकी तीन बेटे हर माह एक-एक हजार रुपये उनके खर्च के लिए देंगे। इस फैसले से बुजुर्ग महिला संतुष्ट नजर आईं। इसी बैठक में दो सीनियर सिटीजन मित्रों के बीच खेती से जुड़े आर्थिक विवाद की भी सुनवाई हुई। फसल खराब होने से हुए नुकसान को लेकर दोनों के बीच तनाव था। पंचायत की समझाइश के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और तय हुआ कि शेष राशि दो माह में चुका दी जाएगी। बुजुर्ग दंपत्ति को मिली राहत
एक अन्य मामले में बुजुर्ग दंपत्ति ने बेटे-बहू द्वारा लगातार विवाद करने और दवाइयों के लिए पैसे न देने की शिकायत की। पंचायत की समझाइश के बाद सभी पक्षों ने शांति बनाए रखने पर सहमति जताई। एक माह का ट्रायल पीरियड तय कर मामले की पुनः समीक्षा का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही एक जमीन के सौदे से जुड़े एक मामले में बुजुर्ग महिला से 15 लाख रुपये लेकर जमीन किसी और को बेच देने की शिकायत सामने आई। जांच की आवश्यकता को देखते हुए यह मामला संबंधित थाने को भेजा गया। पुलिस पंचायत के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का संवेदनशील, त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान लगातार किया जा रहा है। यह पहल न सिर्फ विवाद सुलझा रही है, बल्कि समाज को भी आइना दिखा रही है।

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