महापौर की फोटो पर फेंका गोबर…लेकिन हाथ बचाकर:जीतू पटवारी ने मंच पर की शिवराज की नकल; गद्दे बिछाकर भाजपा पार्षद की दंडवत यात्रा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। पटवारी ने मंच से बताया शिवराज से मिलने का किस्सा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की नकल उतारी। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और उन्हें रील वाला नेता बताया। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर पटवारी बोरा उठाकर शिवराज मामा के घर पहुंचे थे। इस पर शिवराज सिंह ने ये कहकर सवाल उठाए थे कि पटवारी सोयाबीन की बात करने आए और बोरे में गेहूं भरकर आ गए। जीतू पटवारी ने इस मामले में कहा- 50-60 किलो का बोरा सोयाबीन का ही था। शिवराज जी झूठ बोले थे कि गेहूं लेकर आ गए। मैं जैसे ही वहां पहुंचा, वो गेट के अंदर मुझे दिखे। उनके चार अधिकारी आए और कहा आइए, साहब रास्ता देख रहे हैं। मैंने कहा साहब हैं क्या? बोले- हां, जैसे ही आपका पता लगा तो यहीं रुक गए। पटवारी ने कहा- मेरी तो शिवराज से कोई बात नहीं हुई। ये रुके क्यों थे। मैंने देखा कि ये मोहन यादव की जड़ों में पानी देने के लिए रुके थे। ये बताने के लिए रुके थे कि जो वादे किए थे वो सही थे और पूरे नहीं कर पाए उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। क्योंकि उन्हें रील बनानी थी। पुलिस से बहस, पीड़ितों से मिलने पहुंचे कांग्रेस के नेता
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों पर राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पीड़ितों से मिलने भागीरथपुरा पहुंचे। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को रोका तो बहस भी हुई। हालांकि बाद में कुछ नेताओं को जाने दिया गया। जीतू पटवारी ने पीड़ितों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की। साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। पटवारी ने कहा कि इस मामले के लिए सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए। मीडिया ने जीतू पटवारी से जब नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया तो पटवारी बिना जवाब दिए चले गए। हां, उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से आग्रह किया कि वो इस मामले में कुछ बोले। मेयर का भागीरथपुरा के पार्षद को शाबाशी देने का वीडियो
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का एक पुराना वीडियो सामने आया है। जिसमें वे भागीरथपुरा वार्ड के पार्षद कमल वाघेला की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इतना ही उन्हें मंच पर ही बेस्ट पार्षद भी करार दिया। महापौर वीडियो में कह रहे हैं- यहां के पार्षद जिनका नाम है कमल वाघेला, यानी वो कमल भी हैं और वाघ भी हैं। जब कोमल होना होता है तो कोमल हो जाते हैं, जब कोई ज्यादा परेशान करता है तो शेर हो जाते हैं। तो जो परेशान करने वाले हैं, जरा ठीक से समझ लो। उनको ज्यादा परेशान करोगे तो ठीक कर देंगे। कमल जी संगठन के आदमी हैं, महामंत्री रहे हैं। 24 सड़कें उन्होंने बना दी हैं, उन्होंने इस वार्ड में। जो 24 सड़कें उन्होंने बनाई, तो पहले ड्रेनेज की लाइन डाली और फिर पानी की लाइन डाली। एक सड़क को बनाने का कम से कम खर्चा 10 लाख, तो 2 करोड़ 40 लाख की तो सड़कें हो गईं। और इतने की ही पानी की और ड्रेनेज की लाइन डली हैं। उन्होंने कहा- मेयर होने के नाते मैं उनको अच्छा काम करने का सर्टिफिकेट देता हूं और बधाई देता हूं और बाकी वो सब पार्षद जिनके क्षेत्र में बस्तियां आती हैं, उनको भागीरथपुरा आकर देखना चाहिए कि कैसे काम हुआ। अब लोग चर्चा कर रहे हैं कि बाकी पार्षद यहां आकर क्या देखें, ये कि कैसे पीने के पानी की लाइन में सीवर का पानी मिला। मेयर साहब पार्षदों से पूछ लीजिए.. 17 मौतों के बाद क्या वो आपके बेस्ट पार्षद का काम देखना चाहेंगे। NSUI नेता ने ग्लब्स पहनकर मेयर के फोटो पर गोबर फेंका
इंदौर में 17 मौतों के विरोध में एनएसयूआई ने महापौर के फोटो पर गोबर फेंककर विरोध जताया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि गोबर फेंककर भ्रष्ट महापौर को शुद्ध कर रहे हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसे देखने के बाद लोग कह रहे हैं कि विरोध करना है, लेकिन हाथ भी गंदे न हो, इसलिए हैंड ग्लब्स पहनकर गोबर फेंका जा रहा है। अगर गोबर से शुद्ध कर रहे हो तो फिर खुद को गोबर से परहेज क्यों। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने ग्लब्स पहने हाथों से गोबर उठाया और महापौर के फोटो पर फेंका, ताकि खुद के हाथ खराब न हो। गंदे पानी के विरोध में भाजपा पार्षद की दंडवत यात्रा
ग्वालियर में गंदे पानी की समस्या को लेकर भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास ने अनोखा प्रदर्शन किया। वे दंडवत होकर नगर निगम पहुंचे। उनके समर्थकों ने हाथ में तख्तियां पकड़ी थी। जिन पर ‘स्वच्छ पानी दो’, ‘गंदे पानी से परेशान जनता’, ‘जल समस्या का समाधान करो’ जैसे नारे लिखे थे। खात बात ये है कि पार्षद भले ही दंडवत होकर आए। लेकिन इस दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि उनके कपड़े गंदे न हो। इस लिए समर्थक आगे-आगे गद्दा बिछाते गए। उन साफ गद्दों पर दंडवत होकर पार्षद महोदय आगे बढ़ते गए। पार्षद पूरी व्यवस्था करके आए थे कि कंकड़, पत्थर और धूल उनके कपड़ों और शरीर को छू भी न पाए। ये भी पढ़ें – मंत्री विजयवर्गीय की गाली पर मासूम बने दिग्विजय सिंह: कथावाचक ने शुरू कर दी ‘नरोत्तम कथा’ नेतागिरी, जलवा होता है साहब। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को ही ले लीजिए। वे दतिया के भिल्ला में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान कथावाचक ने कथा के बीच में नरोत्तम कथा कहना शुरू कर दिया। किसी भक्त के हवाले से नरोत्तम मिश्रा को महा अवतार तक बता दिया। पूरी खबर पढ़ें

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