भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले के पात्र हितग्राहियों को समय पर उनका पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं पीएम जनमन योजना की सघन समीक्षा की। बैठक में आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की बारीकी से जांच की गई। कई पंचायतों में निर्माण की धीमी रफ्तार और लापरवाही सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ ग्राम पंचायतों में आवास पूर्णता की दर बेहद कम है और लंबे समय से निर्माण कार्य लंबित हैं। कार्य में उदासीनता और लापरवाही को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत भीतघरा, घटमुंडा एवं सिंगिबहार के सचिवों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन योजना सरकार की प्राथमिक योजनाएं हैं, जिनका सीधा लाभ जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिलता है। ऐसे में यदि किसी की लापरवाही के कारण हितग्राहियों को उनका घर समय पर नहीं मिल पाता है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जनपद सीईओ, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक और आवास मित्र आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। समन्वय की कमी के कारण यदि किसी हितग्राही को किश्त मिलने में देरी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। सीईओ ने कहा कि हितग्राहियों को समय पर किश्त मिले, इसके लिए सभी संबंधित कर्मचारी अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी समीक्षा बैठकों में प्रगति की दोबारा जांच की जाएगी। लंबित व छूटे आवासों को समय-सीमा में पूरा करें बैठक में सर्वाधिक लंबित पंचायतों पर विशेष फोकस किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने तकनीकी सहायकों और आवास मित्रों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें, निर्माण स्थलों पर जाकर हितग्राहियों की समस्याओं को समझें और उनका तत्काल समाधान करें। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर सक्रिय रहकर कार्य को अंतिम चरण तक पहुंचाना आवश्यक है। सीईओ ने निर्देशित किया कि लंबित आवासों को समय-सीमा में पूरा करें।


