जालंधर में घरेलू हिंसा का मामला:पत्नी ने लगाया पति पर जूतों से पीटने के आरोप,बोला-भाई-बहन ले गए अस्पताल

जालंधर के लांबा पिंड इलाके से घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर खुद व अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार,आरोपी पति ने बच्चों के सामने उसे और बच्चों को जूतों से पीटा। मामले में पुलिस कमिश्नर जालंधर को शिकायत दी गई है, जिसके बाद संबंधित थाना पुलिस को जांच के आदेश जारी किए गए हैं। किरनपाल कौर जो की लांबा पिंड जालंधर की रहने वाली है। पीड़िता किरनपाल कौर ने आरोप लगाया की वह लंबे समय से अपने पति और उसके परिवार द्वारा शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रही है। महिला के अनुसार, उसे जबरन संयुक्त परिवार में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा था और मना करने पर उसे घर से बाहर निकालने की धमकियां दी जा रही थीं। पीड़िता ने पति पर लगाए गंभीर आरोप पीड़िता ने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को रात करीब 9:00 बजे से 9:15 बजे के बीच, जब वह अपने 9 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटे के साथ बिस्तर पर लेटी हुई थी, तभी उसका पति घर आया और बिना किसी कारण के मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया की आरोपी पति ने महिला और दोनों बच्चों को जूतों से पीटा, जिससे तीनों को शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा। महिला ने यह भी बताया कि वह पहले ही कई सर्जरी (दोनों बच्चों का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन से) से गुजर चुकी है, ऐसे में इस तरह की हिंसा से उसकी सेहत को गंभीर खतरा है। लगातार हो रही मारपीट का असर बच्चों के मानसिक सेहत पर भी पड़ रहा है। भाई-बहन ले गए अस्पताल घटना के तुरंत बाद महिला अकेले अस्पताल जाने की स्थिति में नहीं थी। इसके बाद में उसके भाई-बहन मदद के लिए पहुंचे और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिको-लीगल रिपोर्ट (MLR) करवाई गई। पुलिस कमिश्नर से लिखित शिकायत की गई इस पूरे मामले को लेकर पीड़िता की ओर से पुलिस कमिश्नर जालंधर को लिखित शिकायत दी गई, जिसके बाद शिकायत को SHO थाना रामा मंडी को जांच के लिए भेजा गया। शिकायत के साथ मेडिकल जांच रिपोर्ट और डिस्पैच नंबर की कॉपी भी संलग्न की गई है। प्रशासन से की सुरक्षा की मांग पीड़िता और उसके परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि महिला और उसके बच्चों को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए, आरोपी पति और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और जरूरत पड़ने पर महिला को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाए।

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