छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में पटवारियों का डिजिटल कार्य के विरोध में आंदोलन लगातार तीव्र होता जा रहा है। 16 दिसंबर से शुरू हुए इस आंदोलन में 140 से अधिक पटवारी शामिल हैं, जिन्होंने सभी डिजिटल और कंप्यूटरकृत कार्यों का बहिष्कार कर रखा है। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत शील के अनुसार, शासन की ओर से डिजिटल कार्यों के लिए कोई उचित सुविधा नहीं दी गई है। पटवारियों को अपने निजी खर्च पर कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे प्रति माह 2,000 से 3,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रति पटवारी 800 रुपये मासिक भत्ते की मांग की गई है। काली पट्टी लगाकर डिजिटल कार्य का करेंगे बहिष्कार प्रांतीय प्रतिनिधित्व मंडल द्वारा शासन स्तर पर की गई बैठक में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। पटवारियों ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काली पट्टी लगाकर शासकीय कार्य करेंगे और डिजिटल कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। राजस्व संबंधी सेवाएं प्रभावित इस आंदोलन का सीधा प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ रहा है। भूमि रिकॉर्ड, सीमांकन, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पटवारियों के शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर होने के कारण प्रशासनिक संवाद भी बाधित हुआ है। पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में डिजिटल कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण और सुविधाएं, मासिक भत्ता, तथा प्रत्येक हल्के में प्रिंटर, इंटरनेट और अन्य डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता शामिल है।


