चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दोनों ही दलों के पार्षद असमंजस में हैं कि अचानक ऐसा क्या हुआ, जबकि कुछ दिन पहले तक भाजपा को घेरने की साझा रणनीति पर काम चल रहा था। आप नेताओं की नाराजगी इस बात को लेकर है कि पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय इकाई से बिना बातचीत किए सीधे सोशल मीडिया के जरिए फैसला सार्वजनिक कर दिया। इससे कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के खिलाफ खुलकर प्रचार करने का मौका मिल गया है। कई आप नेता अब पार्टी हाईकमान से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करने के मूड में हैं। बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कांग्रेस और आप दोनों ही दलों के नेता फिलहाल गठबंधन तोड़े बिना कोई बीच का रास्ता निकालने की संभावना टटोल रहे हैं, ताकि भाजपा के खिलाफ मुकाबला भी किया जा सके और चुनावी नुकसान भी न हो। दोनों दलों का मानना है कि अभी मेयर चुनाव में समय है, ऐसे में किसी भी तरह की जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। आहलूवालिया ने पार्षदों से की बातचीत आम आदमी पार्टी के पंजाब से चंडीगढ़ प्रभारी एसएस आहलूवालिया ने मौजूदा हालात के बीच पार्टी के सभी 11 पार्षदों से बातचीत कर उनकी नब्ज टटोली। बातचीत के दौरान ज्यादातर पार्षदों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अचानक इस तरह का फैसला उचित नहीं है और इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। “शीर्ष नेतृत्व का फैसला सर्वप्रिय” – एसएस आहलूवालिया सवाल: आपकी पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया है, आपकी राय? जवाब: गठबंधन कल से नहीं, काफी समय से टूटा हुआ है। हम INDIA अलायंस का हिस्सा नहीं हैं। सवाल: क्या चुनाव अलग-अलग ही लड़ेंगे? जवाब: हां, 2026 का पार्षद चुनाव अलग-अलग लड़ना पहले से तय है। सवाल: क्या इससे भाजपा के सामने सरेंडर जैसी स्थिति नहीं बनती? जवाब: नहीं, ऐसा कहना गलत है। अभी चुनाव की तारीख दूर है, भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी। सवाल: पार्षद क्या चाहते हैं? जवाब: मैंने सभी से बात की है। पार्षद पारदर्शिता के साथ मेयर चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्टी का फैसला सर्वप्रिय है और हाईकमान के साथ बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। “हम अपने स्टैंड पर कायम” – एचएस लक्की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सवाल: आप गठबंधन नहीं चाहती , आपका स्टैंड? जवाब: वे पहले ही गठबंधन से बाहर हो चुके थे। यह सिर्फ अंडरस्टैंडिंग थी कि मेयर आप का होगा और बाकी दो पदों पर कांग्रेस प्रत्याशी देगी। सवाल: क्या पहले बातचीत हुई थी? जवाब: हां, आप के स्थानीय नेताओं ने मुझसे और सांसद मनीष तिवारी से संपर्क किया था और सहयोग मांगा था। सवाल: बात बिगड़ी कैसे? जवाब: आप नेतृत्व चंडीगढ़ यूनिट पर ध्यान नहीं दे रहा। अपने पार्षद संभाल नहीं पा रहे और आरोप कांग्रेस पर लगा रहे हैं। सवाल: अब मेयर चुनाव का क्या होगा? जवाब: हम अपने स्टैंड पर पूरी तरह कायम हैं। जिसे भागना है, भाग जाए। साफ है कि 2026 का नगर निगम चुनाव कांग्रेस सभी 35 सीटों पर अकेले लड़ेगी। चल रही थी गठजोड़ की बात बीच में टूटी दरअसल 29 जनवरी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए भाजपा के पास 18 वोट हैं और 11 वोट आप और 7 वोट कांग्रेस के पास हैं। तीनों ही पदों पर हार जीत का फैसला एक वोट से होना है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिए समझौता किया जा रहा था। मगर जरनैल सिंह द्वारा मंगलवार को एक पोस्ट डालकर इसके रास्तों को लगभग बंद कर दिया है।


