हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चुटीयारो गांव में जंगल हाथी ने फसल की रखवाली करने गए किसान को कुचल कर मार डाला। वहीं साथ मौजूद किसान की पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जानकारी के अनुसार किसान आदित्य राणा महुआ टांड़ इलाके में अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई थी। फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए वह अपनी पत्नी शांति देवी के साथ खेत में ही प्लास्टिक का अस्थायी कूरहा बनाकर रह रहे थे। इसी दौरान रात में अचानक जंगली हाथी खेत में घुस आया। वह फसल को नुकसान पहुंचाने लगा। भगाने की कोशिश में उग्र हुआ हाथी हाथी के खेत में घुसने की आहट मिलते ही आदित्य राणा और उनकी पत्नी ने उसे भगाने का प्रयास किया। बताया जाता है कि इसी दौरान हाथी उग्र हो गया और दंपति पर हमला कर दिया। हाथी ने आदित्य राणा को पटककर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पत्नी शांति देवी हमले में गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़ीं। हाथी के हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हाथी जंगल की ओर भाग चुका था। अस्पताल में चल रहा घायल महिला का इलाज ग्रामीणों की मदद से घायल शांति देवी को तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH), हजारीबाग ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक आदित्य राणा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए SBMCH भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप, मुआवजा मांगा इधर, मृतक के भतीजे सुभाष राणा ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुटीयारो और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन वन विभाग द्वारा उन्हें खदेड़ने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि जंगली हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ा जाए और पीड़ित परिवार को हाथी हमले में मिलने वाली मुआवजा राशि शीघ्र प्रदान की जाए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।


