बिलासपुर में ऑयल रिसाव की अनदेखी से लगी भीषण आग:सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर 35 साल पुराना, 20 दिन से रिस रहा था तेल

बिलासपुर में मोपका स्थित 220 केवी सब-स्टेशन में 5 जनवरी की दोपहर भीषण आग लगने से 160 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर जलकर पूरी तरह खाक हो गया। इस हादसे में विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। आग की इस घटना ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर हो चुके सिस्टम की पोल खोल दी है। रायपुर से जांच के लिए अफसर पहुंचे, तब भी यहां आग भभक रही थी। शुरूआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि ऑयल रिसाव को नजरअंदाज करने के कारण आग लगी होगी। बताया जा रहा है कि ट्रांसफॉर्मर से पिछले 20 दिनों से ऑयल रिस रहा था। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसरों ने लापरवाही बरती। अफसरों ने मामले की जांच के दिए निर्देश सब स्टेशन में हुए इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए बुधवार (7 जनवरी) को रायपुर से ट्रांसमिशन के चीफ इंजीनियर प्रसन्ना गोसावी और अतिरिक्त मुख्य अभियंता आरके. तिवारी ने कार्यपालक निदेशक कल्पना घाटे के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्थानीय कर्मचारियों से पूछताछ की और मामले की जांच के निर्देश दिए। 35 साल पुराना था ट्रांसफार्मर, 20 दिनों से ऑयल का रिसाव हालांकि, आधिकारिक तौर पर विभाग के अफसर अभी आग लगने के पीछे किसी भी लापरवाही पर बोलने से बच रहा है। फिर भी कहा जा रहा है कि मोपका सब-स्टेशन में लगा यह ट्रांसफार्मर लगभग 35 साल पुराना था। 10 साल कोरबा में सेवा देने के बाद इसे 2005 में यहां शिफ्ट किया गया था। नियमों के अनुसार 30 साल बाद ट्रांसफार्मर बदल दिया जाना चाहिए, लेकिन एक्सपायरी डेट बीतने के बाद भी इसे लगातार चलाया जा रहा था। जबकि, ट्रांसफार्मर से पिछले 20 दिनों से ऑयल का रिसाव हो रहा था। जिसकी मरम्मत करने का दावा किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऑयल का रिसाव को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया होगा, जिसके चलते ये हादसा हुआ होगा। मवेशियों का डेरा और खाली बाल्टियां सब-स्टेशन के प्रतिबंधित क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। मौके पर मवेशी घूमते पाए गए और आग बुझाने के लिए रखे गए अग्निशमन यंत्र सीज फायर व रेत की बाल्टियां नदारद थीं। संसाधनों के अभाव ने आग की भयावहता को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर के अंदर अभी भी ऑयल है, जिसके चलते अंदर आग भभक रही है। बुधवार को भी यहां आग की स्थिति बनी रही, जिसे बुझाने के लिए दमकल की मदद ली है। नया ट्रांसफार्मर लगने में लग सकता है एक माह कार्यपालक निदेशक, ट्रांसमिशन कल्पना घाटे ने बताया कि नया ट्रांसफार्मर लगने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है। चूंकि 160 एमवीए का ट्रांसफार्मर आसानी से उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *