मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन नहीं:सप्लायर नहीं ले रहे रुचि, मरीजों को निजी लैब में देना पड़ रहा शुल्क

कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीज परेशान हैं। प्रशासन ने सीएसआर और डीएमएफ मद से मशीन खरीद के लिए राशि आवंटित की थी, लेकिन सप्लायरों की अरुचि के कारण टेंडर प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। इस स्थिति में मरीजों को सीटी स्कैन जांच के लिए निजी अस्पतालों या लैब का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने शहर के दो निजी अस्पतालों से रियायती दरों पर जांच के लिए टाइअप भी किया था, लेकिन सीजीएचएस दरें इसमें बाधा बन रही हैं। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने बताया कि मशीन की आपूर्ति के लिए किसी फर्म के तैयार होने का इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टाइअप के बावजूद मरीजों को निजी अस्पतालों में निर्धारित शुल्क चुकाना पड़ रहा है, या उन्हें बिना जांच के वापस लौटना पड़ रहा है। जांच के लिए निजी लैबों में देने पड़ रहे हैं अधिक शुल्क मरीजों और उनके परिजनों को सीटी स्कैन जांच के लिए निजी लैबों में अधिक शुल्क चुकाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए अस्पताल प्रबंधन ने निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक की तैयारी शुरू कर दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच की बात कही जिला स्वास्थ्य अधिकारी एस.एन. किसी ने इस संबंध में बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निजी अस्पतालों से टाइअप है। उनके अनुसार, आयुष्मान कार्ड एक बार ब्लॉक होने के बाद मरीज से शुल्क नहीं लिया जा सकता और इस मामले की जांच कराई जाएगी।

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