बड़वानी जिले में पंचायत सचिव और सहायक सचिवों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। मध्यप्रदेश पंचायत सचिव-सहायक सचिव संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए और नायब तहसीलदार बाबूसिंह निनामा को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। कम कर्मचारियों पर ज्यादा काम का दबाव सहायक सचिव महासंघ के अध्यक्ष दिलीप नावडे ने बताया कि ग्राम पंचायतों में केवल दो कर्मचारी होते हैं, जबकि काम बहुत अधिक है। एक साथ कई योजनाओं का काम होने से समय पर लक्ष्य पूरे करना मुश्किल हो जाता है। इससे कर्मचारियों पर लगातार दबाव बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग के काम भी पंचायत अमले से उन्होंने बताया कि धरती आबा योजना, आयुष्मान कार्ड, 70 प्लस आयुष्मान कार्ड, बीओसीडब्ल्यू आयुष्मान कार्ड, कर्मकार मंडल आयुष्मान कार्ड और गर्भवती महिलाओं से जुड़े काम पंचायत अमले से कराए जा रहे हैं, जबकि ये मूल रूप से स्वास्थ्य विभाग के कार्य हैं। अतिरिक्त कामों के कारण पंचायत से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों को नोटिस तक दिए जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड कार्य के बहिष्कार की चेतावनी कर्मचारियों ने मांग की कि ये सभी कार्य संबंधित विभागों से ही कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दबाव बनाया गया या कार्रवाई की गई, तो पंचायत अमला आयुष्मान कार्ड से जुड़ा कार्य नहीं करेगा और आंदोलन करेगा। सर्वे के दौरान सहायक सचिव पर हमला ज्ञापन में एक गंभीर घटना का भी जिक्र किया गया। जनपद पंचायत पाटी की ग्राम पंचायत ठान में पदस्थ सहायक सचिव मुकेश सोलंकी की ड्यूटी आवास प्लस 2024 सर्वे के सत्यापन में ग्राम पंचायत अतरसंभा में लगाई गई थी। सर्वे के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और पत्थर से हमला किया, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। इस मामले में सिलावद थाने में एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। कर्मचारियों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मोबिलाइजरों को समय पर नहीं मिल रहा मानदेय पंचायत अमले ने बताया कि ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहे पैसा मोबिलाइजरों को समय पर मानदेय नहीं मिलता। उनका मानदेय बहुत कम है, जिससे परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 8000 रुपए प्रतिमाह मानदेय को तत्काल लागू करने और बकाया भुगतान जल्द करने की मांग की। वेतन और कामकाज की व्यवस्था सुधारने की मांग ज्ञापन में यह भी बताया गया कि कई सहायक सचिवों को 5-6 माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन प्रक्रिया जटिल है और समय पर भुगतान नहीं होता। मांग की गई कि हर माह 1 से 5 तारीख के बीच वेतन दिया जाए। साथ ही काम का स्पष्ट बंटवारा किया जाए, ताकि दबाव कम हो। कर्मचारियों ने कहा कि मनरेगा मांग आधारित योजना है, इसके बावजूद बिना मांग के मजदूरों के मस्टर निकालने का दबाव बनाया जाता है। इसी तरह बिना भुगतान के कार्य पूरे कराने का भी दबाव रहता है, जो नियमों के खिलाफ है। झूठी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग पंचायत अमले ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली झूठी शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार बाहरी लोग गलत शिकायतें करते हैं और कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में डर का माहौल बनता है। ऐसे शिकायतकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मांगें नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन कर्मचारियों ने कहा कि उनकी 12 सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो संयुक्त मोर्चा कलमबंद हड़ताल, क्रमिक भूख हड़ताल और उग्र प्रदर्शन जैसे आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


