चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री एवं बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री ने केंद्र सरकार की रोजगार योजनाओं में किए गए बदलावों को समय की आवश्यकता बताया है। उन्होंने कहा कि जो योजना कभी नरेगा के नाम से शुरू हुई थी, वह अब लगभग 20 साल पुरानी हो चुकी है। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुसार इसमें बदलाव किया गया है। मंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत लंबे समय से फर्जी मास्टर रोल, मशीनों से काम दिखाने और बिना श्रमिकों के भुगतान निकालने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। इन गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऑडिट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और शिकायतों का समाधान नए कानून के तहत तय समय-सीमा में किया जाएगा। ट्रैकिंग से भुगतान में देरी कम होगी
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीकी ऑडिट और डिजिटल ट्रैकिंग से भुगतान में होने वाली देरी कम होगी। योजना का मूल उद्देश्य मजदूरों को उनके घर के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराना है, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लग सके। इसके साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार दिवस देते हुए कुल 150 दिन तक काम उपलब्ध कराया जाएगा।
विपक्ष राजनीतिक लाभ का मुद्दा बना रहा
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि मनरेगा का श्रेय लेने की कोशिशें निरर्थक हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस योजना पर 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन स्थायी परिसंपत्तियों का अपेक्षित निर्माण नहीं हो सका। नई व्यवस्था में खर्च स्थायी संरचनाओं पर किया जाएगा, ताकि ग्रामीण विकास का प्रत्यक्ष लाभ लोगों तक पहुंचे। नाम बदलने को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा बना रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि उसे ‘रामजी’ नाम से क्या आपत्ति है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून या बिल का नाम व्यक्ति के आधार पर नहीं रखा जाता और महात्मा गांधी के नाम से भी सरकार को कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी प्रेरणा से ही योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। कुछ राज्य सरकारों के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने इसे पूरी तरह राजनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने एनडीए पर भरोसा जताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना विकास को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, न कि राजनीति के लिए।


