आलीराजपुर जिले के उण्ड़वा गांव के प्रगतिशील किसान युवराज सिंह ठाकुर ने आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को अपनाकर अन्य किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने 4 हजार वर्ग मीटर खेत में शेडनेट हाउस बनाकर जैविक तरीके से खीरा-ककड़ी की फसल उगाई। इस शेडनेट हाउस में बोई गई खीरा-ककड़ी की फसल की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपए रही। किसान युवराज सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस फसल से मात्र चार माह में लगभग 40 टन उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने 20 रुपए प्रति किलो के भाव से बाजार में बेचा। इससे उन्हें लगभग 6 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ। इस सफल खेती का निरीक्षण करने के लिए कलेक्टर नीतू माथुर उण्ड़वा गांव में युवराज सिंह ठाकुर के शेडनेट हाउस पहुंचीं। उन्होंने जैविक तरीके से उगाई गई फसल का अवलोकन किया और किसान से संवाद किया। ठाकुर ने बताया कि उन्होंने उद्यानिकी विभाग के संपर्क और इंटरनेट की सहायता से यह नवाचार किया। पूरी खेती की प्रक्रिया की जानकारी ली कलेक्टर माथुर ने खेती की पूरी प्रक्रिया, लागत, उत्पादन, कमाई और मार्केटिंग व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने युवराज सिंह ठाकुर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपनी इस सफलता को अन्य किसानों के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक और जैविक खेती की ओर प्रेरित हो सकें। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना में चयन के लिए प्रस्ताव खीरा-ककड़ी के अलावा, किसान युवराज सिंह ठाकुर ने अपने खेत में आम की कई प्रजातियां और अमरूद भी लगाए हैं। कलेक्टर माथुर ने उनके आम के बगीचों का भी अवलोकन किया। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारी कैलाश चौहान को निर्देश दिए कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत आम को चयनित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाए। युवराज सिंह ठाकुर ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि खेती को सही तकनीक और मार्गदर्शन से किया जाए, तो इसे एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।


