शाजापुर में गुरुवार शाम करीब 5 बजे यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल, इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के विरोध में यह प्रदर्शन किया। मंत्री के फ्लेक्स गंदे पानी में फेंके यह प्रदर्शन शाजापुर के महुपुरा क्षेत्र में चिल्लर नदी के तट पर हुआ। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें “घंटा मंत्री” बताते हुए उनके फ्लेक्स गंदे पानी में फेंके। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, वहां नगर निगम और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण भगीरथपुरा क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की आपूर्ति की गई। इस लापरवाही के कारण अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ हुआ विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन के बाद, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रतिनिधियों ने कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला को शाजापुर तहसीलदार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई न होना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस मामले पर दिया गया बयान “बेहद अमर्यादित और असंवैधानिक” है, जिससे जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। मृतकों के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग युवा कांग्रेस ने अपनी मांगों में मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करने, और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की अपील की। कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग मीडिया से चर्चा करते हुए नगर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विपुल दीक्षित ने कहा कि इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों की जिम्मेदारी राज्य सरकार और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। दीक्षित ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।


