मध्यप्रदेश में सुबह कोहरे के बाद दिन में धूप निकल रही है। कई शहरों में लोगों को सर्दी से राहत मिली है। मंगलवार सुबह भोपाल, रीवा-सतना समेत 14 जिलों में हल्का मध्यम कोहरा छाया। जबलपुर में घने कोहरे के साथ सर्द हवा चली। इंदौर में कोहरे के कारण मुंबई से आने वाली फ्लाइट नंबर 6E294 लैंड नहीं हो सकी। उसे भोपाल डायवर्ट करना पड़ा। मुंबई से इंडिगो की फ्लाइट ने सुबह 6:40 बजे की जगह 6:54 पर टेक-ऑफ किया था। इसे तय समय पर 8 बजे इंदौर आना था लेकिन यहां कोहरा अधिक होने के कारण फ्लाइट को भोपाल डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, भोपाल से यात्रियों को बस के जरिए इंदौर भेजा गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज ग्वालियर-चंबल में हल्की बारिश होने का अनुमान है। 2 दिन के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा। ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, मुरैना, भिंड में हल्की बारिश हो सकती है। बर्फीली हवा का असर कम
मध्यप्रदेश में अभी मौसम का मिला-जुला असर है। कहीं रात में तेज ठंड है तो कुछ शहरों में पारा 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा और दिन में गर्मी बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ये बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्वी हिस्से में ठंड, भोपाल-जबलपुर में 10 डिग्री से नीचे पारा
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ठंड का असर है। रविवार-सोमवार की रात में मंडला में पारा 5 डिग्री सेल्सियस रहा। शहडोल के कल्याणपुर में 5.1 डिग्री, पचमढ़ी में 6.5 डिग्री, मलाजखंड में 6.9 डिग्री, उमरिया में 7.4 डिग्री, नौगांव में 8.5 डिग्री, राजगढ़ में 9.4 डिग्री और रायसेन-सतना में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, बड़े शहरों में जबलपुर में 8.6 डिग्री और भोपाल में 9.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री से अधिक रहा। इधर, सोमवार सुबह कई शहरों में कोहरे का असर देखने को मिला। वहीं, कई शहरों में दिन में पारे में बढ़ोतरी हुई। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 में कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 में हुई थी।


