‘किसान के हकों के लिए मैं जेल जाने को तैयार’:रविंद्र भाटी बोले- 2 दिन बाद FIR होने पर आश्चर्य; CID-CB की जांच पर भी दिया जवाब

बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी फिर सुर्खियों में हैं। उन पर SP के निर्देश पर शिव थाने में केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच सीआईडी-सीबी करेगी। भारतीय राष्ट्रीय सौर ऊर्जा महासंघ (NSEFI) का आरोप है कि जिले में करीब 8500 करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट्स में भाटी अड़चनें पैदा कर रहे हैं। इन तमाम आरोपों के बीच भाटी से भास्कर ने खास बातचीत की। वे बोले- मुकदमों से मेरा हौसला पस्त होने वाला नहीं है। मैं किसान और अन्याय के खिलाफ लड़ता रहा हूं, आगे भी लड़ता रहूंगा। इसके लिए मुझे जेल जाना पड़ेगा तो भी मैं जाने के लिए तैयार हूं। मुकदमे राजनीति में मेडल हैं। कंपनियां करोड़ों का मुनाफा कमाएगी, लेकिन किसानों को मामूली मुआवजा देंगी, यह बर्दाश्त नहीं है। शिव थाने में दर्ज मामले में जल्द कोर्ट की शरण लेंगे। कानूनी जो भी मदद होगी, लेंगे। पढ़िए रविंद्र सिंह भाटी का पूरा इंटरव्यू…। सवाल: विधायक बनने के बाद तीसरा मुकदमा दर्ज हो गया, आप क्या कहेंगे?
जवाब: जनता के लिए लड़ाई लड़ोगे तो मुकदमे भी आपको सहने पड़ेंगे। घर या कंपनियों की गोदी में बैठे जाओगे तो कोई मुकदमा नहीं होगा। जनता की हक की लड़ाई लड़ोगे तो ऐसी बहुत सी चीज सामने आएंगी। न्यायपालिका पर मुझे पूरा भरोसा है। आने वाले समय में इसको चैलेंज करके न्यायपालिका के जरिए जवाब भी देंगे। सवाल: क्या आपको लगता है कि सरकार मुकदमों के जरिए आपको घेरना चाहती है?
जवाब: सरकार अपना काम कर रही है। ऐसे मुकदमे से कोई घिरता नहीं है। मुकदमा तो मेडल है। तीन- तीन मुकदमे हुए हैं। अगर घर पर बैठा रहता था तो मुकदमा नहीं होता। जनता के लिए लड़ रहे हैं। इसलिए मुकदमे हो रहे हैं। निश्चित तौर पर जनता के लिए लड़ाई लड़ोगे, तब तमाम चीजों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे मुकदमे किसी के हौसले को पस्त नहीं कर सकते। यहां के लोग मेरे लिए देवतुल्य (भगवान स्वरूप) हैं। इनकी बदौलत मैं यहां तक पहुंचा हूं। इनके लिए लड़ता रहूंगा। सवाल: सोलर कंपनी ने आप पर धमकाने और वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं, ऐसा क्यों हुआ?
जवाब: हाईटेंशन लाइन की सभी मांगे मानने के 2 दिन बाद एफआईआर दर्ज होना भी हमारे लिए आश्चर्य की बात है। रही बात दूसरी, जो कह रहे हैं वो आकर स्पष्ट बताएं कि किसको धमकाया और किससे वसूली की है। धरना-प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था है। वो हमारा हक है। निश्चित रूप से आगे जरूरत पड़ने पर धरना भी देंगे और प्रदर्शन करना पड़ा तो प्रदर्शन भी करेंगे। एक चीज आपको बता दूं, मैं विकास के खिलाफ नहीं हूं, विकास के नाम पर विनाश का काम शुरू किया है। हम उसके खिलाफ है। सवाल: इस एफआईआर के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे या मानहानि का मुकदमा करेंगे?:
जवाब: बिल्कुल कोर्ट में भी जाएंगे और सक्षम जो भी कार्रवाई करनी है, उसे निश्चित तौर पर करेंगे। मानहानि का भी मुकदमा करूंगा। सवाल: बईया (जैसलमेर) के बाद हड़वा (बाड़मेर) में किसानों के साथ लगातार खड़े हो रहे हो, कोई दूसरा प्रतिनिधि आवाज क्यों नहीं उठा रहा?
जवाब: कोई प्रतिनिधि उठाए या नहीं उठाए, मेरा धर्म बनता है कि मेरा काम यहां के लोगों की बात को आगे तक रखना है। मुझे बहुत संतुष्टि है। रात को नींद अच्छी आती है कि कम से कम लोगों के लिए लड़ तो रहे हैं। 70 दिन तक धरना चला है। लोगों को लगता है कि 40 हजार में 4 लाख ही तो करवाए हैं। जिस आदमी को 40 हजार से बढ़कर 10 गुना ज्यादा मिल रहा है। उसके लिए कितनी बड़ी चीज है। उसके पास 10 बीघा जमीन है तो उसके लिए बहुत बड़ी चीज है। जैसलमेर के बईया गांव में कंपनी की ओर से 1 हजार बीघा ओरण (चारागाह) की भूमि को छोड़ना छोटी चीज है। सीएसआर के साढ़े तीन-चार करोड़ रुपए प्रशासन की मौजूदगी में देना मेरे हिसाब से पहली बार हुआ है। किसानों के आशीर्वाद ने 25 साल में मुझे विधायक बना दिया। मैं इनको छोड़कर तो नहीं जाऊंगा। जेल जाना पड़ेगा तो जेल भी जाएंगे। इनके हक व अधिकार के लिए मजबूती से लड़ेंगे। सवाल: आपको सरकार क्यूं टारगेट कर रही है? कहीं इसकी वजह आपका निर्दलीय चुनाव लड़ना तो नहीं?
जवाब: देखिए… वजह कोई भी रही हो। कौन सी रही, कौन सी नहीं रही। मेरा काम जो है, वो कर रहे हैं। वो काम आगे भी मजबूती से करते रहेंगे। सवाल: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान आपको कहां तक सही लग रहा है?
जवाब: बयानबाजी से बचने का प्रयास किया है। राजनीति का एक जो स्तर है, उसे बनाए रखें। जाहिर बात है कि वो मेरे बड़े हैं। मेरे परिवार ने मुझे यह सिखाया कि बड़ों का सम्मान और इज्जत करों।

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