उज्जैन में कक्षा 10वीं और 12वीं प्री-बोर्ड परीक्षा के सभी पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गए। स्टूडेंट्स के पास कुछ पेपर दो दिन पहले तो कुछ पेपर एक दिन पहले ही पहुंच गए। ये सभी पेपर सोशल मीडिया इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब पर भी वायरल हो गए। बायोलॉजी विषय का पेपर भास्कर के हाथ दो घंटे पहले ही लग गया। पेपर शुरू होने के बाद पता चला कि हमारे पास आया हूबहू पेपर बच्चों को बांटा गया था। खास बात ये है कि छात्र-छात्राओं को मोबाइल पर मिले पेपर की जानकारी अधिकारियों के पास भी थी। लेकिन किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की गई। दैनिक भास्कर ने जब इसकी जानकारी डीओ आनंद शर्मा को दी तब उन्होंने जांच कराने की बात कही। छात्र बोला-टेलीग्राम-इंस्टाग्राम पर मिले थे पेपर
शहर के एक छात्र ने दैनिक भास्कर से पेपर लीक के बारे में बात करते हुए बताया कि वो 12वीं कक्षा का छात्र है। उसका पहला पेपर 16 जनवरी को था। एग्जाम देकर बाहर निकला तो स्कूल में दोस्तों ने बताया कि आज हुआ पेपर एक दिन पहले ही टेलीग्राम पर आ गया था। इसके बाद टेलीग्राम की लिंक के माध्यम से उस छात्र को भी जोड़ दिया गया। जिसके बाद 17 को हुआ हिन्दी का पेपर और उसके बाद 20 जनवरी को हुआ गणित का पेपर भी लीक हो गया है। ये सभी पेपर टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर डाले गए थे। मैथ्स का पेपर 21 घंटे पहले ही स्टूडेंट्स को मिला
21 जनवरी को 12वीं का बायोलॉजी का पेपर था। लेकिन वो दो घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर आ गया था। दैनिक भास्कर इसकी जांच के लिए कुछ सरकारी स्कूलों में पहुंचा। यहां 11 बजे पेपर बच्चों को बांटने के बाद हमने जब पेपर का मिलान करवाया तो हूबहू वहीं पेपर निकला। सोमवार को अंग्रेजी का पेपर 11 बजे शुरू हुआ था, लेकिन परीक्षा से 6 घंटे पहले ही पूरा पेपर सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के मोबाइल तक पहुंच गया। मंगलवार को होने वाले गणित का पेपर भी 21 घंटे पहले ही छात्रों को मिल गया था। मुन्ना भाई, एमपी बोर्ड ऑफिशियल के नाम पर अकाउंट
पेपर लीक मामले में जब छानबीन की तो पता चला कि ये पेपर Munna bhai yt, Mp bord official,Sdlclasses, Mp bord secondryhighereducation,सहित अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर डाले गए। कुछ साइट पर पेपर के साथ-साथ सॉल्यूशन भी डाल दिए गए। प्रिंसिपल के पास ही होता है लॉगिन पासवर्ड
मध्य प्रदेश बोर्ड के विमर्श पोर्टल पर पेपर के एक दिन पहले 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर डाले जाते है। ये पेपर सभी सेंटर के प्रिंसिपल को सेंड किए जाते है। इसका लॉगिन आईडी उन्हीं के पास होता है। प्रिंसिपल इसे खोलकर इसकी फोटो कॉपी करवाकर पेपर वाले दिन इसे बच्चों को बांट देते है।


