नीमच के मनासा थाना क्षेत्र के ग्राम हाड़ीपिपलिया में पुलिस की दबिश के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बांछड़ा समुदाय की महिलाओं ने जिला एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। घरों में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप महिलाओं ने मनासा पुलिस पर अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने और घरों में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। पीड़िता फुला बाई सहित अन्य महिलाओं ने ज्ञापन में बताया कि 6 जनवरी की रात करीब 3 बजे मनासा पुलिस के कर्मचारी गांव में घुसे और रुपयों की मांग करने लगे। पुलिसकर्मियों पर खड़ी बाइकों को आग के हवाले करने का आदेश ग्रामीणों की ओर अवैध वसूली का विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर घरों में तोड़फोड़ की। इस दौरान बाहर खड़ी बाइकों को भी आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ितों का दावा है कि पुलिस ने गांव के निर्दोष युवकों अक्षय, अर्जुन, अनिकेत और राजू को जबरन उठाकर उन पर चोरी और जहरीली शराब के झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं, ताकि अपनी कार्रवाई को सही ठहराया जा सके। टीआई बोले-ग्रामीणों के सभी आरोप निराधार इससे पहले, बीते मंगलवार को भी ग्रामीणों ने मनासा-रामपुरा मार्ग पर जली हुई बाइकें रखकर चक्काजाम किया था, जिसे पुलिस ने सख्ती से खुलवाया था। मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि चोरी की वारदातों में शामिल अपराधियों को बचाने के लिए ग्रामीण पुलिस पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।


