झारखंड सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दे दी। अब उन्हें सामान्य बीमारियों में सालाना पांच लाख और गंभीर बीमारियों में 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। राज्यकर्मियों के आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा। राज्य सरकार के पेंशनर ऐच्छिक रूप से इस योजना से जुड़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें सालाना 6000 रुपए एकमुश्त जमा करने होंगे। स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सरकार ने कर्मचारियों को तीन कैटेगरी में बांटा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सरकार ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ करार किया है। अभी राज्यकर्मियों को प्रति माह 1000 रुपए चिकित्सा भत्ता दिया जाता है। अब इनमें से 500 रुपए प्रति माह कटौती की जाएगी। इस योजना के तहत करीब 1.75 लाख कर्मचारियों और करीब 2.25 लाख पेंशनरों को सीधा फायदा होगा। बीमा के लिए कर्मचारियों को तीन श्रेणियों में बांटा कैटेगरी-ए कैटेगरी-बी (ऐच्छिक लाभ लेने वाले) कैटेगरी-सी पेंशनर ऐच्छिक तौर पर जुड़ सकेंगे, देने होंगे सालाना 6000 रुपए दुमका एयरपोर्ट से विमान के उड़ान की राह खुली: कैबिनेट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने दुमका एयरपोर्ट से हवाई जहाज के उड़ान की राह खोल दी है। कैबिनेट ने दुमका हवाई अड्डा पर संचार, नेविगेशन और सर्विलांस एवं एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सेवाओं के लिए इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ एमओयू के ड्राफ्ट को भी मंजूरी दी है। इसके बाद रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम ‘उड़ान’ के अंतर्गत इस हवाई अड्डे से नियमित रूप से उड़ान सेवाएं शुरू करने की राह आसान हो जाएगी। दिव्यांग आश्रित को आजीवन लाभ मिलेगा दिव्यांग आश्रित को आजीवन स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। पति-प|ी दोनों के राज्य सरकार के कर्मचारी होने पर दोनों को एक-दूसरे का आश्रित नहीं माना जाएगा। उनके बच्चे दोनों में से किसी एक पर ही आश्रित माने जाएंगे। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने 31 जुलाई 2023 को राज्यकर्मियों और पेंशनरों को स्वास्थ्य बीमा योजना देने का संकल्प जारी किया था। लेकिन यह मामला अभी तक लटका हुआ था। बीमा योजना के लिए राज्य आरोग्य सोसायटी ट्रस्ट में रखे जाएंगे 50 करोड़ इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपए राज्य आरोग्य सोसायटी के ट्रस्ट में रखे जाएंगे। राज्य सरकार आकस्मिकता निधि से 150 करोड़ रुपए का उपयोग करेगी। राज्य में रहने वाले अखिल भारतीय सेवाओं के सेवारत या सेवानिवृत्त पदाधिकारी एवं कर्मी, विधानसभा के पूर्व सदस्य, पदाधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न बोर्ड-निगम और संस्थानों में काम करने वाले या सेवानिवृत्त कर्मी भी अपनी इच्छा के आधार पर योजना का कवरेज ले सकते हैं।


