भास्कर न्यूज | गिरिडीह जनवरी 2022 से बंद पड़े सीसीएल की गिरिडीह ओपेनकास्ट माइंस से सटे सतीघाट जंगल इन दिनों धड़ल्ले से खुलेआम कोयला का अवैध कारोबार हो रहा है। प्रबंधन व प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है। जंगल क्षेत्र में ओपेन कास्ट से सटे अलग-अलग स्थानों पर करीब 50 अवैध खदान संचालित हैं, जिनके जरिए प्रतिदिन 100 टन कोयले की चोरी की जा रही है। ठेकेदार मजदूरों के जरिए अवैध खनन करा रहे हैं। दिन के समय इलाके में गतिविधि कम रहती है, लेकिन अल सुबह 3 बजे से तस्करी का पूरा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है। एक खंते से प्रतिदिन करीब 2 टन कोयला निकाला जाता है। इस तरह कुल मिलाकर प्रतिदिन लगभग 100 टन कोयले का अवैध कारोबार हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। एक वर्ष पूर्व तक सीसीएल अवैध खंतों को डोजरिंग कर बंद कराती थी, लेकिन पिछले एक वर्ष से न तो सीसीएल और न ही प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसका नतीजा यह हुआ कि सतीघाट क्षेत्र में लगातार नए खंतों का निर्माण हो रहा है। घने जंगल, संकरे पगडंडी रास्ते और निगरानी के अभाव का तस्कर खुलेआम फायदा उठा रहे हैं। इतना ही नहीं, तस्करों ने जंगल के भीतर एक नाले पर बांस की पुलिया तक बना ली है, ताकि बाइक और साइकिल के माध्यम से कोयला आसानी से बाहर ले जाया जा सके। अलग-अलग रूट से सुबह ही निकल जाते हैं बाइक सवार सतीघाट से प्रतिदिन करीब 100 बाइक में कोयला लादकर देवरी, तिसरी, बिरनी, सरिया, जमुआ और धनवार क्षेत्रों के ईंट भट्टों और चिमनी भट्टों तक पहुंचाया जा रहा है। अलग-अलग रूट तय कर तस्कर सुबह-सुबह ही निकल जाते हैं, ताकि किसी तरह की जांच या रोक-टोक से बचा जा सके। सरिया के लिए बाइक सवार डुमरी रोड में जाते हुए नारायणपुर मोड़ के रास्ते का उपयोग करते है, तो बिरनी और धनवार इलाके में जाने के लिए पचंबा, कोआड़ मोड़ होकर जाते है। जबकि जमुआ, देवरी और तिसरी इलाके के पचंबा, परियाना, रानीखावा, कारोडीह, चितरडीह के रास्ते आराम से अहले सुबह में ही निकल जाते है। ठीक इन्हीं रास्तों से साईकिल वाले भी निकलते है। कई बार बाइक सवार पीछे से धक्का देते हुए आगे बढ़ाते नजर आते हैं। अवैध कोयला उत्खनन पर लगातार कार्रवाई : मीणा सीसीएल प्रोजेक्ट के परियोजना पदाधिकारी जीएस मीना ने बताया कि सीसीएल क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला उत्खनन को रोकने के लिए समय-समय पर कंपनी द्वारा डोजरिंग करवाई जा रही है और पेट्रोलिंग दल भेजकर नियमित कार्रवाई की जा रही है। ने बताया कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर कोयला माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई निरंतर जारी है और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


