भास्कर न्यूज | धमतरी रुद्री नहर के माध्यम से धमतरी समेत 4 जिलों में पानी पहुंचता है। इस पानी में ग्राम पंचायत रुद्री का गंदा पानी नाला के माध्यम से नहर में मिल रहा था। इस खबर को दैनिक भास्कर ने 8 जनवरी के अंक में “धमतरी समेत चार जिलों के लोग जिस नहर का पानी पी रहे, रुद्री नाले की गंदगी उसी में मिल रही’ शीर्षक से प्रकाशित किया। खबर को अफसरों ने तुरंत संज्ञान में लिया। अधिकारियों ने तत्काल रास्ता बंद कराया। जेसीबी के माध्यम से मुरुम डालकर रास्ता बंद किया गया। फिलहाल अभी नाला का गंदा पानी नहर में आना तो बंद हो गया है, पर स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। रुद्री पंचायत का गंदा पानी नाला में भरने लगा है। पानी का रास्ता नहीं होने के कारण यह पानी अब प्लॉट में भरेगा। नाला के पानी की निकासी करने के लिए अधिकारियों को ठोस कदम उठाना चाहिए। जिससे दूषित पानी नाला में भी न पहुंचे और गंदे पानी की निकासी हो जाए। निगम के उपायुक्त पीसी सार्वा ने कहा कि जेसीबी के माध्यम से मुरुम डालकर नाला का रास्ता बंद कर दिया गया है। गंदा पानी अब नहर में नहीं पहुंच रहा है। नाला के माध्यम से नहर में पहुंच रहे गंदे पानी के रास्ते को बंद कराने के लिए रुद्री पंचायत की सरपंच ने पहल तो की थी, पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह काम नहीं हो सका। विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण नगर निगम धमतरी के अलावा रायपुर, बलौदाबाजार, भाटापारा, राजिम, अभनपुर, नयापारा क्षेत्र के 10 लाख से अधिक जनसंख्या को नाला का पानी फिल्टर का सप्लाई कराते रहे। नाला के रास्ता को बंद कराने का प्रयास ही नहीं किया गया। रुद्री नहर केनाल प्रभारी कभी निरीक्षण में नहीं पहुंचे, जबकि नहर से करीब 500 मीटर दूरी पर उनका कार्यालय है।


