भास्कर संवाददाता|विदिशा शहर की पेयजल व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई है। नगर पालिका ने शासन के निर्देश पर 7 दिन का सर्वे कराया। इसके लिए 38 वाल्व मैन को जिम्मा सौंपा गया। सर्वे में पता चला कि शहर में लगे 250 वाल्व चैंबर में से 140 या तो क्षतिग्रस्त हैं या लीकेज कर रहे हैं। ये चैंबर इतने पुराने हो चुके हैं कि पानी लगातार बह रहा है। नगर पालिका को इसकी जानकारी नहीं थी या जानबूझकर अनदेखी की गई। तलैया मोहल्ले और डंडापुरा जैसे इलाकों में नालों के ऊपर से पेयजल पाइप लाइनें गुजर रही हैं। अब जाकर नगर पालिका ने सुधार के लिए 1 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया है। यह राशि मिलने के बाद ही मरम्मत और नए चैंबर बनाने का काम शुरू होगा। लेकिन यह कब होगा, इसका कोई भरोसा नहीं। लोग अंदेशा जता रहे हैं कि कुछ दिन बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। शहर के पीलिया नाले की हालत भी खराब है। यह नाला बेतवा नदी में जाकर मिलता है। नगर पालिका के इंजीनियरों ने माना कि इसके लिए कोई प्लान नहीं है। लाइन पार के इलाकों की गंदगी इसी नाले से होकर सीधे बेतवा में जा रही है। बताया गया कि भविष्य में एसटीपी बनने के बाद नाले के पानी को लिफ्ट कर वहां भेजा जाएगा। लेकिन यह कब होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। शहर के तलैया मोहल्ले और डंडापुरा जैसे इलाकों में नालों के ऊपर से पेयजल पाइप लाइनें गुजर रही हैं। यह खतरे की स्थिति है। नगर पालिका अब केसिंग पाइप डालने की योजना बना रही है। इससे लीकेज होने पर भी नाले का पानी पीने के पानी में नहीं मिल पाएगा। सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर ने बताया कि सर्वे से जानकारी जुटाकर 1 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है। जल्द काम शुरू होगा। रोज 40 सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। इससे पानी की गुणवत्ता की सही जानकारी मिल रही है।


