अरनोद-दलोट साथिनों का आत्मरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ

भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ मिशन नवदुर्गा के तहत पांचवे चरण में अरनोद एवं दलोट पंचायत समिति की 35 साथिनों के लिए दस दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत समिति सभागार अरनोद में किया गया। मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी योगेश देवल, विकास अधिकारी अरनोद अशोक कुमार डिंडोर एवं जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार तेतरवाल उपस्थित रहे। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक नेहा माथुर ने बताया ​िक महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने व विपरीत परिस्थितियों मेंं स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा में सक्षम बनाने हेतु कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया द्वारा नवाचार के रूप में मिशन नवदुर्गा साथिन आत्मरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ जनवरी 2025 में किया गया। मिशन के पहले चरण में जिले की 50 साथिनों को शिक्षा विभाग के दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा खेल गांव स्थित इनडोर स्टेडियम में दस दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, मिशन के दूसरे, तीसरे एवं चौथे चरण के अंतर्गत क्रमशः पीपलखूंट-सुहागपुरा की 35, धरियावद पंचायत समिति की 33 एवं छोटीसादड़ी पंचायत समिति की 25 साथिनों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त साथिनों द्वारा अपने पंचायत क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं को यह प्रशिक्षण निरन्तर प्रदान किया जा रहा हैं। मिशन के पांचवें चरण के तहत अरनोद-दलोट पंचायत समिति की 35 साथिनों को दिनांक 8 जनवरी से 17 जनवरी तक शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षिका तुलसी परमार एवं सेवा मीणा द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी योगेश देवल द्वारा साथिनों को बताया ​िक आत्मरक्षा का सबसे पहला हथियार आपका प्रतिरोध है। अतः किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाए और बताया की जिला कलक्टर ने महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टिगत रखते हुए उनके आत्मरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया, यह मिशन वर्तमान परिदृश्य में पूर्णतया सार्थक है। उन्होंने उपस्थित साथिनों से अपील की है कि वह यह प्रशिक्षण पूर्ण प्रयास व क्षमता से प्राप्त करें और अपनी पंचायत की महिलाओं को प्रशिक्षित कर इसे अपने उद्देश्य तक पहुंचाए। जिला शिक्षा अधिकारी तेतरवाल ने कहा कि शिक्षा विभाग व महिला अधिकारिता विभाग की पहुंच हर घर तक है, यदि यह विभाग एक साथ कार्य करें तो बदलाव अवश्य आएगा। उन्होंने प्रशिक्षण की सार्थकता बताते हुए बताया की किसी भी परिस्थिति से लड़ने का सबसे उत्तम तरिका उसके लिए तैयार रहना होता है। अतः यह प्रशिक्षण महिलाओं को उसी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करता है। महिला अधिकारिता विभाग के सपुरवाईजर अपूर्वा राठौड़, धापू कुमारी मीणा, वरिष्ठ सहायक अनिल मेहता, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र के परामर्शदाता लक्ष्मी चौहान एवं डिंपल कुंवर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र छोटीसादड़ी की परामर्शदाता राधा डिंडोर एवं पायल कुमावत आदि मौजूद रहे।

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