भास्कर इनसाइट सेल कर्मियों के वेज रिवीजन मामले पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में गुरुवार को सुनवाई हुई। गौरतलब है कि बीएकेएस यूनियन ने कैट में वेज रिवीजन का मामला दर्ज कराया है। इसमें 15 प्रतिशत एमजीबी, 35 प्रतिशत पर्क्स तथा दोनों का एरियर ब्याज के साथ वेज रिवीजन की मांग की गई है। आज इस्पात मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिवक्ता उपस्थित हुए। न्यायाधीश ने इस्पात मंत्रालय व श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को अंतिम अवसर (9वीं बार) देते हुए कहा कि अपना जवाब जल्द दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है। मुकदमे में सेल प्रबंधन ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, जिस पर यूनियन ने भी रिज्वाइंडर दाखिल किया है। इस्पात मंत्रालय व श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद मुकदमे पर अंतिम बहस होना शुरू हो जाएगा। फिटमेंट व पर्क्स एरियर के नुकसान की हो भरपाई 15 प्रतिशत एमजीबी, 35 प्रतिशत पर्क्स, 15 प्रतिशत एमजीबी के हिसाब से फिटमेंट का एरियर, 35 प्रतिशत पर्क्स के हिसाब से पर्क्स का एरियर और इतने दिनों तक सेल प्रबंधन द्वारा लटकाए गए वेज रिवीजन समझौते में हुए नुकसान में सभी एरियर पर ब्याज समेत दिया जाए। बीएकेएस के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार ने कहा कि कार्यपालिका (सेल प्रबंधन, इस्पात मंत्रालय) तथा गैर निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों (एनजेसीएस) द्वारा किए जा रहे खुलेआम शोषण के विरुद्ध न्याय का एक मात्र रास्ता न्यायालय ही है। सभी दस्तावेज सेल प्रबंधन, एनजेसीएस व इस्पात मंत्रालय के विरुद्ध है।


