उज्जैन के महिदपुर में बुधवार को एक कुत्ते ने 40 लोगों को काटा। सभी एक-एक कर अस्पताल पहुंचे। जानकारी मिलते ही नगर पालिका की टीम हरकत में आई। कुत्ते को घेराबंदी कर पकड़ा। इसके कुछ ही देर बाद कुत्ते की मौत हो गई। इसका पता लगते ही इलाके में दहशत फैल गई। जिन लोगों को कुत्ते ने काटा था, वे दोबारा अस्पताल पहुंचने लगे। मामला टेंशन चौराहा और कीर्तनिया बाखल इलाके में बुधवार का है। वहीं, ग्वालियर में बुधवार को ही 12 कुत्तों ने स्कूली छात्र पर हमला कर दिया। बच्चे ने भागकर जान बचाई। सीएमओ ने कहा- हालात पर नजर रख रही टीम
महिदपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजा यादव ने बताया- कुत्ता पागल था। नगर पालिका के स्वच्छता निरीक्षक उमेश दावरे के नेतृत्व में टीम ने उसे पकड़ लिया। बाद में उसकी मौत हो गई। हमारी टीम हालात पर नजर रख रही है। दूसरे कुत्तों की निगरानी भी की जा रही है। डॉक्टर बोले- 7 दिन में डॉग बाइट के 80 मरीज अस्पताल पहुंचे
महिदपुर मेडिकल ऑफिसर डॉ. एमएस रामपुरे ने बताया कि महिदपुर में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बीते सात दिन में करीब 80 लोग डॉग बाइट के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। इससे पहले जूनी कोर्ट एरिया और आसपास के इलाकों में भी पागल कुत्ते ने 6 से ज्यादा लोगों को काटा था। दिसंबर 2025 से अब तक शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 230 से ज्यादा ऐसे मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ग्वालियर में स्कूल से लौट रहे बच्चे के पीछे दौड़े पालतू कुत्ते
उधर, ग्वालियर में भी बुधवार को ही स्कूली छात्र पर कुत्तों के हमले की घटना सामने आई है। मामला शताब्दीपुरम कॉलोनी के डी ब्लॉक का है, जहां दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल से लौट रहे एक बच्चे पर करीब 12 पालतू कुत्तों ने हमला कर दिया। उसने भागकर अपनी जान बचाई। घटना कॉलोनी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। इन कुत्तों को पड़ोस में रहने वाली महिला ने पाल रखा है। पीड़ित बच्चे के पिता नरेंद्र भारद्वाज ने जब यह बात उस महिला को बताई, तो विवाद हो गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो सका। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सुप्रीम कोर्ट बोला- कुत्ते इंसानी डर पहचानते हैं, इसलिए काटते हैं सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ढाई घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने कुत्तों के बिहेवियर को लेकर चर्चा की। जस्टिस नाथ ने कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने जवाब दिया कि अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। पढ़ें पूरी खबर…


