डिवीजन बेंच ने कहा-:शासन को बताना पड़ेगा, इन अफसरों को निगम में प्रतिनियुक्ति पर क्यों भेजा गया?

ग्वालियर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। 20 मई 2025 को जिन 61 अधिकारियों के प्रतिनियुक्ति – तबादला आदेश को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने निरस्त कर दिया था। सिंगल बेंच के आदेश को अब डिवीजन बेंच ने निरस्त कर दिया है। मप्र शासन, नगर निगम ग्वालियर और अधिकारियों-कर्मचारियों की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए डिवीजन बेंच ने मामला सिंगल बेंच के पास रिमांड कर दिया। ताकि मामले की फिर से सुनवाई हो सके। डिवीजन बेंच ने कहा – इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि कुछ अधिकारियों ने किसी तरह नगर निगम में अनिश्चित काल के लिए डेपुटेशन प्राप्त कर लिया हो, यहां तक कि कुछ अधिकारियों को समय-समय पर विस्तार भी मिला हो। इन सभी पहलुओं पर विचार आवश्यक है। डिवीजन बेंच ने ये भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नगर निगम, ग्वालियर और मध्यप्रदेश शासन को प्रत्येक उम्मीदवार की उपयुक्तता और उसे नगर निगम, ग्वालियर में डेपुटेशन पर भेजने के कारणों से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। राज्य और नगर निगम, ग्वालियर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। बता दें कि डॉ. अनुराधा गुप्ता ने याचिका दायर करते हुए पशु चिकित्सक अनुज शर्मा को ग्वालियर नगर निगम में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर नियुक्त करने के निर्णय को चुनौती दी । कोर्ट को बताया गया कि इस पद के लिए एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्ति की गई। मामले की विस्तृत सुनवाई होना जरूरी
डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रतिनियुक्ति की वैधता, पात्रता और प्रशासनिक आवश्यकता जैसे मुद्दों पर विस्तृत सुनवाई जरूरी है। अब सिंगल बेंच को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पक्षकारों से पूर्ण रिकॉर्ड और अतिरिक्त दलीलें लेकर मामले का निपटारा करें। हर अधिकारी की स्थिति का अलग-अलग परीक्षण होगा। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी वाले सप्ताह में होगी।

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